राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ हरियाणा प्रांत के कार्यवाह देव प्रसाद भारद्वाज ने कहा कि नेपाल सीमा पर जारी हिंसा सामरिक दृष्टि से ठीक नहीं है। उन्होंने इसके पीछे विदेशी शक्तियों का हाथ होने की आशंका जताई।
उन्होंने कहा कि नेपाल में पहले जैसा स्वरूप बहाल होना चाहिए। भारद्वाज मंगलवार को यहां अमूल चंद्रा लाइब्रेरी में स्थित सिटी प्रेस क्लब के कार्यालय में पत्रकारवार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आरएसएस सीमाओं की सुरक्षा से लेकर समुद्र तट की सुरक्षा तक के बारे में सोचता है। संघ न तो किसी विद्वेष की भावना से कोई काम करता है और न ही समाज में किसी प्रकार की असहिष्णुता को बढ़ावा देता है।
ये भूमि सबकी है और सभी को बराबरी का अधिकार है। बीफ के सवाल पर भारद्वाज ने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं बल्कि इसे मुद्दा बनाया गया है। जब हम किसी को मां का दर्जा देते हैं तो उसके प्रति हमारी धारणा हिंसा की नहीं होती।
ऐसे में हम उसकी हत्या कैसे कर सकते हैं। संघ गोमांस का सख्त विरोधी है। 30 अक्तूबर से 1 नवंबर तक रांची में संघ की अखिल भारतीय कार्यमंडल की बैठक संपन्न हुई।
बैठक के प्रस्ताव में कहा गया कि जनसंख्या में असंतुलन देश की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक पहचान के लिए गंभीर संकट का कारण बन सकता है।
सीमापार हो रही अवैध घुसपैठ पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की निंदा की। इस मौके पर डॉ. अरविंद सूद, संजय अरोड़ा, राकेश त्यागी, गंगा शंकर आदि उपस्थित रहे।