- मंडी हाउस के रवींद्र भवन परिसर में होगा आयोजन
- 1100 से अधिक नामी लेखक व विद्वान लेंगे भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साहित्य अकादमी सोमवार से मंडी हाउस के रवींद्र भवन परिसर में छह दिवसीय साहित्योत्सव का आयोजन करेगा। इस बार इसे विश्व के सबसे बड़े साहित्योत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान 190 से अधिक सत्रों में 1100 से अधिक नामी लेखक व विद्वान भाग लेंगे। साथ ही, इसमें देश की 175 से अधिक भाषाओं का प्रतिनिधित्व भी किया जाएगा।
आयोजकों ने जानकारी दी है कि इस बार का मुख्य आकर्षण साहित्य अकादमी पुरस्कार है और राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय स्वातंत्र्योत्तर भारतीय साहित्य है। इस मौके पर प्रतिष्ठित संवत्सर का व्याख्यान लोकप्रिय उर्दू लेखक व गीतकार गुलजार करेंगे। इसमें होने वाली गतिविधियों में बहुभाषी कवि व कहानी-पाठ, युवा साहिती, अस्मिता, पूर्वोत्तरी, जैसे कार्यक्रम हैं। इनके अलावा भारत का भक्ति साहित्य, बाल साहित्य, मातृभाषाओं का महत्त्व, आदिवासी कवि व लेखक सम्मेलन, भविष्य के उपन्यास, जैसे कई अन्य दूसरे विषयों पर नामी वक्ता चर्चा संवाद करेंगे।
बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता, साहित्यिक प्रश्नोत्तरी जैसी कई अन्य दूसरी प्रतियोगिताएं भी इस दौरान लोगों का मन मोहती दिखेंगी। आयोजन के दौरान एस. एल. भैरप्पा, चंद्रशेखर कंबार, पॉल जकारिया, आबिद सुरती, के. सच्चिदानंदन, चित्रा मुद्गल, मृदुला गर्ग जैसे सैकड़ों लेखक व नामचीन विद्वान शिरकत करेंगे।