पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड सचिन बिश्नोई उर्फ सचिन थापन (26) को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अजरबैजान से प्रत्यार्पण कराकर भारत ले आई है। पंजाबी गायक की हत्या की साजिश के आरोपी सचिन तिलक राज टुटेजा नाम से संगम विहार के पते पर बनवाए गए फर्जी पासपोर्ट से विदेश भाग गया था। मूसेवाला की हत्या के बाद सचिन ने इंटरनेट मीडिया पर हत्याकांड की जिम्मेदारी भी ली थी। इससे पहले गोल्डी बरार ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। सचिन के खिलाफ 12 अपराधिक मामले दर्ज हैं।
स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि अंतरराष्ट्रीय खतरनाक अपराधी लारेंस बिश्रोई का भांजा सचिन बिश्रोई तिलक राज टुटेजा पुत्र भीम सैन के नाम से फर्जी पासपोर्ट से विदेश भाग गया। ये पंजाब गायक की हत्या से पहले विदेश भागा था। सचिन ने अपने साथियों के साथ तिलक नगर इलाके में रियल एस्टेट कारोबारी के दोनों पैरों में गोली मारकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में सभी आरोपी गिरफ्तार हो गए थे। सचिन ही फरार था। इसके खिलाफ मकोका का मामला भी दर्ज है।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या में सचिन की भूमिका भी सामने आई। सेल को पता लगा कि सचिन अजरबैजान पहुंच गया है। इसके बाद उसका रेड नोटिस तैयार कर इंटरपोल की मदद ली गई। अजरबैजान पुलिस ने उसक पकड़ रखा था और डिटेंशन सेंटर में रखा हुआ था। स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम की देखरेख में काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के एक एसीपी राहुल विक्रम, इंस्पेक्टर निशांत दहिया और एसआई मंजीत की टीम रविवार को अजरबैजान गई थी। ये सचिन बिश्नोई को दिल्ली ले आई। सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को पंजाब के मंसा जिले में की गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले लारेंस बिश्नोई का बेहद करीबी गैंगस्टर सचिन बिश्नोई हत्या से पहले 21 अप्रैल 2022 तक भारत में था। उसके बाद उसने फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाया था और भारत से फरार हो गया था।