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मदद के लिए धन्यवाद भारत सरकार: अफगानिस्तानी शरणार्थियों से मिले एस जयशंकर, लोगों ने बयां किया दर्द; छलके आंसू

Thu, 08 Jun 2023 10:03 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए अभियान चला रही है। इसी के कड़ी में विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने अभियान की शुरुआत की है। 
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अफगानिस्तानी शरणार्थियों से मिले एस जयशंकर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अफगानिस्तान में तालिबान के हमलों के बीच से जान बचाकर भारत आए अफगानिस्तान शरणार्थियों से केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जनकपुरी स्थित गुरु अर्जुन देव गुरुद्वारा में गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान शरणार्थियों ने अपने दर्द को बयां किया। तालिबान की ओर से वहां रह रहे सिख व हिंदू समुदाय के लोगों पर किए जा रहे अत्याचार को याद कर शरणार्थी भावुक नजर आए, तो कई शरणार्थियों की आंखों से आंसू छलक गए। 

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इनकी मांग है कि इन्हें भारत में रोजगार और रहने की व्यवस्था की जाए। वहीं, भारतीय नागरिकता भी दी जाए और वीजा की सुविधा को आसान बनाया जाए। जयशंकर से मिलने पहुंचे 25 शरणार्थियों के परिवार के सदस्यों ने भारत सरकार की ओर से की जा रही मदद का भी धन्यवाद किया।

भाजपा सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए अभियान चला रही है। इसी के कड़ी में विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने अभियान की शुरुआत की है। जयशंकर ने सिख शरणार्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। शरणार्थियों ने कहा कि वहां पवित्र मंदिर व गुरुद्वारों को भी भारत सरकार को प्रयास कर बचाना चाहिए। वहीं, शरणार्थियों ने कहा कि उन्हें रिर्टनिंग वीजा के साथ वीजा सुविधा दी जाए।

मैंने वहां अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया है। बड़ी मुश्किल से वहां से जान बचाकर यहां पहुंचा हूं। लेकिन, यहां रहने व खाने-पीने की सुविधा नहीं है। मेरी 87 उम्र में हो गई है, अब इस उम्र में कुछ काम नहीं कर सकता। सरकार से मेरी एक ही विनती है कि मुझे रहने की सुविधा दी जाए। -वकील दलीप सिंह, कृष्णा पार्क, अफगानिस्तान शरणार्थी

तालिबानियों ने मेरे माता-पिता दोनों को हमेशा के लिए मुझसे छीन लिया है। मैं वर्ष 2018 में यहां आया हूं और अपनी दादी के साथ रह रहा हूं। कोई सुविधा न मिलने से मैं अपना जीवन अंधकार में देख रहा हूं। मेरी शिक्षा की व्यवस्था हो जाए तो मैं अपना भविष्य संवार सकता हूं। -गुरुदीप सिंह, महावीर नगर, अफगानिस्तान शरणार्थी

मैं भारत सरकार का धन्यवाद देती हूं। मुझे यहां दूसरा जन्म मिला है। वहां सिख हो या हिंदू कोई भी सुरक्षित नहीं है। जिस वक्त तालिबानियों ने हमला किया था मैं गुरुद्वारा में थी। वह भयानक मंजर था। सरकार ने वहां से निकलने में हमारी मदद की है। जिसकी मैं जीवन भर शुक्रगुजार रहूंगी। -शरण कौर, महावीर नगर, अफगानिस्तान शरणार्थी
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मेरे परिवार का वहां अच्छा कारोबार था, लेकिन तालिबान ने सब कुछ बरबाद कर दिया। अभी भी कई लोग वहां फंसे हुए हैं। उन्हें भी वहां से निकाला जाए। मुझे तो भारत की नागरिकता मिल गई, लेकिन मेरे बच्चों को अभी भी यहां की नागरिकता नहीं मिली है। जिससे कई सुविधाओं से हमें वंचित होना पड़ रहा है। -निर्मल सिंह, राजेंद्र नगर, अफगानिस्तान शरणार्थी
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