मेयर डॉ शैली ओबरॉय ने मंगलवार को 2.26 बजे सदन की कार्यवाही शुरू कराई। पहले आप के निगम सदस्य धरमवीर को बोलने का मौका दिया। इन्होंने भाजपा के 15 साल के शासन काल पर सवाल उठाया। भाजपा की सदस्य नीमा भगत ने कहा, कामनवेल्थ गेम्स के दौरान दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित थीं और निगम में भाजपा थी। निगम ने साथ मिलकर बेहतर काम किया। इन्होंने निगम की प्राइमरी शिक्षा, स्वास्थ्य और सफाई का मुद्दा उठाया।
आप सदस्य मोहिनी ने कहा, निगम कर्मचारियों से भाजपा ने 15 साल केवल वादा किया। अब आम आदमी पार्टी के शासन काल में एक तारीख को कर्मचारियों की सैलरी आ जाती है। इसपर विपक्ष ने इनका विरोध किया और कहा कि दो-दो महीने से कर्मचारियों की सैलरी नहीं आ रही।
भाजपा सदस्यों ने कट मोशन प्रस्ताव का विरोध किया
भाजपा के निगम सदस्य योगेश वर्मा ने कट मोशन का मुद्दा उठाया। इन्होंने कहा कि मेयर विभिन्न कमेटियों और कमिश्नर फंड तक का पैसा अपने खाते में रखने की तैयारी में हैं। इन्होंने मेयर को याद दिलाया कि सात दिसंबर को उन्होंने कहा था कि जनता से राय लेकर बजट बनाएंगे। कट मोशन की फाइल से पता चला कि कर्मचारियों की सैलरी का पैसा मेयर फंड में रखने का विधान किया है। इसके बाद सदन में विपक्ष के सदस्यों का हंगामा तेज हो गया। पक्ष-विपक्ष ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। लेकिन सदन चल नहीं पाया।
जनता के हित का बजट लाना चाहते हैं : मेयर
मेयर डॉ शैली ओबरॉय ने सदन के बाद कहा, निगम आयुक्त ने इस वित्तीय वर्ष के लिए सदन में बजट पेश किया और इस पर चर्चा करने के लिए चार दिन निर्धारित किए। 5 से 8 फरवरी तक सदन में बजट पर चर्चा होनी है। सोमवार को शांतिपूर्वक सदन चला, लेकिन मंगलवार को भाजपा के सदस्यों ने सदन बिलकुल भी नहीं चलने दिया। हम दिल्ली की जनता, कर्मचारियों व्यापारियों के हित का बजट लाना चाहते हैं। सदन के नेता मुकेश गोयल ने कहा, तीन दिन का बजट सत्र इसलिए बुलाया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा सदस्य सदन में बजट पर अपनी बात रखें।
मेयर सभी अधिकार खुद लेना चाह रहीं: राजा इकबाल सिंह
नेता विपक्ष पूर्व मेयर राजा इकबाल सिंह ने आम आदमी पार्टी की ओर से लाए कट मोशन पर प्रेस वार्ता कर कहा, अन्य विभागों की वित्तीय शक्तियों को असंवैधानिक तरीके से गार्बेज मैनेजमेंट और मेयर को देने की तैयारी है। आप पार्टी की नजर कर्मचारियों के वेतन फंड व सभी समितियों के अधिकार छीनने पर है। गार्बेज मैनेजमेंट फंड के नाम पर आप इस राशि को हड़पने की योजना बना रही है।