आरटीआई कार्यकर्ता केएल गेरा ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम मनोहर लाल खट्टर से दशहरा ग्राउंड अग्निकांड में कार्रवाई की मांग की है।
इसमें उन्होंने कहा है कि एनआईटी दशहरा ग्राउंड में पटाखों की दुकानों में आग लगने का कारण सरकारी अधिकारियों की लापरवाही थी। अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की।
अरावली खनन केस मामले में जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने नुकसान की भरपाई अधिकारियों के वेतन से किए जाने का आदेश दिया था, उसी तरह इस अग्निकांड का नुकसान भी दोषी अधिकारियों के वेतन से चुकाया जाए। उन्होंने यह पत्र पुलिस आयुक्त और आयुक्त को भी भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
गेरा का कहना है कि सरकारी अधिकारी कानून व्यवस्था और नियमों का पालन कराने के लिए लाखों रुपये वेतन पाते हैं। यह अधिकारी अपना फर्ज ठीक से नहीं निभाते। दशहरा ग्राउंड अग्निकांड इसी लापरवाही का नतीजा था।
इसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति राख हो गई। जब अधिकारी दोषी हैं तो पीड़ितों को दिया जाने वाला मुआवजा भी इनका वेतन काट कर दिया जाए। इनकी गलती का खामियाजा आम जनता टैक्स के रूप में चुका रही है।
उन्होंने कहा कि शहर में कई मॉल और दुकानों में भी अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं, कुछ में मानक के मुताबिक नहीं हैं। इन असुरक्षित जगहों पर भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने अग्नि सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू कराने की भी मांग की है।