पिंकी की मौत और यूजीसी से मिले दिशा-निर्देश के बाद महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) को अपनी भूमिका सुधारने का होश आया।
सोमवार को रोहतक में कुलपति ने एमडीयू से सबद्ध कॉलेज प्राचार्यों के साथ बैठक की। जिसमें विश्वविद्यालय की शिक्षा और परीक्षा पद्धति सुधारने के साथ सामाजिक भूमिकाओं में भी सक्रियता लाने पर जोर दिया गया।
यूजीसी के निर्देश के बाद आनन-फानन में प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई। बैठक की अध्यक्षता एमडीयू के कुलपति एचएस चहल ने की। बैठक में मौजूद 250 प्राचार्यों से सुझाव मांगे गए।
साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा के दौरान होने वाली गड़बड़ी को सुधारने के निर्देश दिए गए। कुलपति ने साफ कहा कि इसमें बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वच्छ भारत समेत महाविद्यालयों को राष्ट्रीय एकता दिवस आदि मनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में 31 अक्तूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाना है। जिसमे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा ‘स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत अभियान’ के साथ ही 14-19 नवंबर तक पौधरोपण अभियान चलाने की योजना बनाई।
उन्होंने कॉलेजों में एनएसएस व यूथ रेड क्रॉस की ऐसी यूनिट तैयार करने के लिए कहा है जो गांव और कस्बों में साक्षरता का ग्राफ बढ़ा सकें। इस दौरान परीक्षा और शिक्षा पद्धति में सुधार के लिए भी लोगों से सुझाव मांगे गए। एमडीयू प्रबंधन के साथ ही संबद्ध कॉलेज के प्राचार्य भी मौजूद रहे।