प्यार और पैसे की ख्वाहिश में चंद्रमोहन ने एक बड़ी साजिश रची। खुद के मरने का प्लान बनाया और उसकी हत्या के आरोप में एक पूरा परिवार पुलिस पूछताछ और लगातार दबिश के चलते परेशान रहा। नौबत ये आ गई कि परेशान होकर इस परिवार ने गांव छोड़ दिया।
फसल बर्बाद हो गई, बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाई और इन्हीं दिक्कतों के चलते एक महिला की हार्ट अटैक से मौत तक हो गई। करनी चंद्रमोहन की थी, लेकिन इसकी सजा बेकसूरों ने भुगती।
कार में चंद्रमोहन के जलने के मामले में पत्नी सविता शर्मा ने कासना के किसान बृजेश उसके दो भाइयों ज्ञानी, राजकुमार और बेटों आनंद और प्रवीण के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जबकि तब ये परिवार वैलाना गांव में गेंहू की निकासी करवा रहा था।
सूचना मिलते ही सभी लाखों की फसल खेत पर छोड़कर चले गए। इसके बाद शुरू हुआ लगातार दबिश का सिलसिला। रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी गई। ये लोग बताते हैं कि इस दौरान पुलिस का व्यवहार बेहद अमानवीय रहा।