प्रदेश सरकार के निर्देश पर राजस्व विभाग ने उत्तराधिकार दर्ज कराने के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था शुरू की है। आवेदक के आवेदन करने के बाद विभागीय अधिकारी मामले में जांच कर नाम दर्ज करेंगे। वहीं, इस नई व्यवस्था से आवेदक को अब तहसील के चक्कर नहीं लगाने पडे़ंगे।
राजस्व विभाग ने नई व्यवस्था के तहत संपत्ति या जमीन के मालिक के नाम की जगह उसके वारिस का नाम दर्ज करने की नई व्यवस्था शुरू की है। इस व्यवस्था से पहले लोगों को उत्तराधिकारी के रूप में अपना नाम या वारसान दर्ज करने के लिए संबंधित तहसीलों में चक्कर लगाने पड़ते थे। इतना ही नहीं जांच के नाम पर आवेदकों से अवैध वसूली की जाती थी।
इसको लेकर आए दिन शिकायतें होती रहती थीं। वहीं, वारसान के नाम की जांच होने के बावजूद भी हेराफेरी का गलत नाम दर्ज करने के मामले भी प्रकाश में आए हैं।
वहीं, कई वर्षों तक चक्कर लगाने के बाद भी नाम दर्ज नहीं होने पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनकी इस समस्या को दूर करने के लिए राजस्व विभाग ने अपनी वेबसाइट
http://bor.up.nic.in पर उत्तराधिकार/ वारसान दर्ज के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है।