दानिश सिद्दकी को श्रद्धांजलि देते कलाकार
- फोटो : पीटीआई
जामिया मिल्लिया इस्लामिया कैंपस में फोटो पत्रकार व पूर्व छात्र दानिश सिद्दीकी की दुखद मौत की खबर ने सन्नाटा छा गया है। कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने भी अपने होनहार पूर्व छात्र पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटो पत्रकार दानिश की मौत पर शोक व्यक्त किया है। कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने दानिश के पिता और दोस्तों से भी बात की।
कुलपति का कहना है कि दानिश की दुखद मौत पत्रकारिता और जामिया समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वे बड़े फक्र से अंतरराष्ट्रीय मंच से उपलब्धियों पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया का नाम लेते थे। पर वो होनहार आवाज चुप हो गई है। जामिया के एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर (एमसीआरसी) के अन्य छात्रों के लिए वे एक रोल मॉडल थे।
दो दिन पहले की थी बात:
कुलपति प्रो. अख्तार ने बताया कि उन्होंने दानिश के पिता व जामिया के पूर्व प्रोफेसर प्रो. अख्तर सिद्दीकी से बात की। उन्होंने बताया कि दानिश ने दो दिन पहले ही बात की था। इस दौरान अफगानिस्तान में वह जो काम कर रहा था, उसके बारे में चर्चा की थी।
26 अप्रैल को दोस्तों संग बातचीत:
जामिया प्रशासन के मुताबिक, एमसीआरसी के छात्रों के साथ उनकी आखिरी बातचीत 26 अप्रैल, 2021 को हुई थी। उस समय सोहेल अकबर ने उन्हें कन्वर्जेंट जर्नलिज्म के छात्रों से बात करने के लिए आमंत्रित किया था। सोहेल अकबर याद करते हुए कहते हैं कि कोविड-19 की दूसरी लहर पीक पर थी। वहीं, दानिश भी बहुत व्यस्त था। लेकिन हमेशा की तरह, उन्होंने एमसीआरसी के छात्रों के लिए समय निकाला। अभी कुछ दिन पहले ही वे भारत से वापस काम पर लौटे थे।
पत्रकार दानिश सिद्दीकी के निधन की खबर बेहद व्यथित करने वाली है। परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। भारत सरकार से अपील है कि इस दुख की घड़ी में उनके परिवार को विदेश मंत्रालय के माध्यम से हर संभव मदद दी जाए।- अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री दिल्ली