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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- परीक्षण के बिना बच्चों को कोरोना का टीका लगाना विनाशकारी होगा

Sat, 17 Jul 2021 03:23 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि परीक्षणों को पूरा हो जाने दीजिए, क्लिनिकल परीक्षणों के बिना बच्चों को टीका लगाया गया तो यह आपदा होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि बच्चों को बिना परीक्षण कोरोना का टीका लगाना विनाशकारी होगा। परीक्षण के बाद 18 साल से कम उम्र के बच्चों के तेजी से टीकाकरण के लिए सरकार को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए। पूरा राष्ट्र इसके लिए प्रतीक्षा कर रहा है।

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केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि बच्चों के टीकों पर क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। परीक्षण जल्द पूरा होने वाला है। इसके बाद सरकार बच्चों के टीकाकरण के लिए नीति बनाएगी। विशेषज्ञों की अनुमति के बाद टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि बिना ट्रायल बच्चों को कोरोना का टीका लगाना विनाशकारी होगा। इसलिए ट्रायल पूरा होने दीजिए।
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ट्रायल के बाद बच्चों को तेजी से टीका लगाएं। खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 सितंबर की तारीख तय कर दी। हाईकोर्ट एक नाबालिग की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें 12-17 आयुवर्ग के बच्चों का तुरंत टीकाकरण शुरू करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

याचिका में कहा गया है कि बच्चों का टीकाकरण जल्द शुरू होना चाहिए क्योंकि कोरोना की तीसरी लहर में उनके सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है।

एडिशनल सॉलीसीटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि दवा कंपनी जाइडस केडिला डीएनए आधारित टीका विकसित कर रही है और उसने 12-18 आयु के बच्चों पर इसका ट्रायल पूरा कर लिया है। इस टीके को वैधानिक अनुमति मिलना बाकी है। ये टीका निकट भविष्य में बच्चों के टीकाकरण के लिए उपलब्ध होगा। 

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