10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों की मियाद खत्म होने के बाद भी लाखों रुपये की बचत कर सकते हैं। पुराने वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए बुधवार से विशेष अभियान की शुरुआत के साथ ही परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को राहत भी दी है। मियाद पूरी कर चुके पेट्रोल-डीजल वाहनों को रेट्रोफिटमेंट से नई जिंदगी मिलेगी। ई वाहनों के तौर पर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। ई वाहनों से प्रदूषण नहीं होने की वजह से अधिक दिनों तक इस्तेमाल करने की सुविधा होगी।
रेट्रोफिटमेंट से बढ़ेगी वाहनों की उम्र
पुराने डीजल या पेट्रोल वाहनों की मियाद पूरी होने के बाद इन्हें स्क्रैप किया जाता है। रेट्रोफिटमेंट से ई वाहनों में तब्दील हुए वाहनों को जब्त या स्क्रैप करने से बचाया जा सकेगा। रेट्रोफिटमेंट के जरिये पुराने वाहनों के ईंजन की जगह बैटरियां और कुछ जरूरी उपकरण लगाए जाते हैं। इस मद में कुछ खर्च करने के बाद लाखों रुपये की बचत की जा सकती है। फिलहाल दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की तरफ से ई किट बनाने वाली एजेंसियों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद वाहन मालिकों को रेट्रोफिटमेंट में आसानी होगी।
एनओसी के लिए जरूरी है