दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 के तहत सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण जरूरी
जल्द ही निगम कुत्तों के लिए रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी द्वारा जारी कॉलर (पट्टा) पहनना अनिवार्य करने की योजना बना रहा है ताकि लापता या छोड़े गए पालतू जानवरों को उनके मालिकों को वापस किया जा सके। दरअसल दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 के तहत सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण जरूरी है। इसका उद्देश्य पालतू कुत्तों के मालिकों का एक डेटा तैयार करना, अपंजीकृत कुत्तों के प्रजनन जैसी अवैध प्रथाओं को नियंत्रित करना और पालतू कुत्तों के टीकाकरण कार्यक्रम की निगरानी करना है, ताकि उन्हें रोगों से बचाया जा सके। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पालतू कुत्ते के मालिक को एक फॉर्म भरने और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता होती है, जिसके बाद एक टोकन रजिस्ट्रेशन नंबर जनरेट होगा।
पूर्वी दिल्ली के निवासी कैसे करें पंजीकरण
https://mcdonline.nic.in/vtlpetedmc/web/citizen/info पर क्लिक करके आवेदन के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा करके कर सकते हैं।
नोएडा में भी पंजीकरण करवाना जरूरी है
नोएडा प्राधिकरण ने भी पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर रखा है, लेकिन अधिकतर लोग या तो इससे अनभिज्ञ हैं या जानबूझ कर नहीं करवाते। इससे चलते प्राधिकरण की मंशा पूरी नहीं हो पा रही। प्राधिकरण ने रजिस्ट्रेशन के लिए प्रति कुत्ता 500 रुपये फीस तय की थी और इसे हर साल रिन्यूवल कराना होता है। ऐसा नहीं करने वाले मालिकों को 5 हजार रुपये जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया था। प्राधिकरण ने इस योजना को पेट डॉग रजिस्ट्रेशन स्कीम नाम दिया था।
यूपी में पालतू कुत्तों का पंजीकरण करने वाला गाजियाबाद पहल नगर निकाय
गाजियाबाद नगर निगम ने पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए मोबाइल एप बनवाया है। इस एप को एनएनजी-डॉग रजिस्ट्रेशन नाम दिया गया है। लोग घर बैठे एप मोबाइल में इंस्टॉल कर पालतू कुत्तों का पंजीकरण करा सकते हैं। जिन लोगों को ऑनलाइन पंजीकरण में दिक्कत महसूस हो, वे निगम के जोनल कार्यालयों में ऑफलाइन पंजीकरण भी करा सकते हैं। प्रति पालतू कुत्ता एक हजार रुपये वार्षिक पंजीकरण शुल्क रखा गया है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पालतू कुत्तों का पंजीकरण करने वाला गाजियाबाद प्रदेश का पहला नगर निगम है।
चार चरणों में होगा रजिस्ट्रेशन
- आवेदक को यह घोषणा करनी होगी कि दी गई जानकारी सत्य है। इसके बाद डेबिट, क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर रसीद लेकर प्रिंट आउट लेकर क्षेत्रीय कार्यालय से टोकन प्राप्त कर सकता है।
- इसके साथ आवेदक को ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली का बिल, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, बैंक पासबुक या जीवन बीमा की रसीद, वेटेरनरी डॉक्टर का रैबीजरोधी प्रमाण पत्र, कुत्ते के मालिक और कुत्ते का फोटो सम्मिलित करना होगा।
- रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट पर उपलब्ध आवेदन पत्र को भरना होगा, इसमें आवेदक का नाम, पता, मोहल्ला, पिन कोड, मोबाइल नंबर अपने ई-मेल के साथ कुत्ते का विवरण नाम, नस्ल, आयु, लिंग और रैबीज रोधी टीकाकरण की तिथि भरना होगा।
- कुत्ते के मालिक को दक्षिणी नगर निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध पशु चिकित्सा विभाग के आइकॉन डॉग रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा। डॉग पंजीकरण के लिए उपलब्ध विकल्पों में चुनाव करना होगा।