नगर निगम की दुकानों की गायब पत्रावलियां अब रिकार्ड रूम में खंगाली जा रही हैं। मामला सार्वजनिक होने और शासन की सख्ती के बाद निगम के अधिकारियों ने कर्मचारियों को पत्रावली तलाशने में लगाया है। अफसरों का दावा है कि 2400 पत्रावलियों में से करीब 1000 पत्रावलियां मिल चुकी हैं।
बीते दिनों शिकमी किराएदारों को चिह्नित करने के प्रस्ताव पर नगर आयुक्त एसके सिंह ने खुद कार्यकारिणी बैठक में माना था कि 2100 से ज्यादा दुकानों की फाइलें निगम से गायब हैं।
ऐसे में दुकानदारों के साथ किए गए एग्रीमेंट की शर्तों की जानकारी कर पाना संभव नहीं होगा। ‘अमर उजाला’ ने यह मामला सबसे पहले प्रकाशित किया था। मामला लखनऊ तक पहुंचा तो नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने नगर आयुक्त से इस पर आख्या मांगी।
ऐसे में अब निगम अधिकारी रिकार्ड रूम में इन फाइलों की तलाश करा रहे हैं। निगम के संपत्ति प्रभारी और उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि पत्रावलियों को कुछ दिन के बाद रिकार्ड रूम में भेज दिया जाता है।
2400 में से करीब 1000 दुकानों की फाइलें रिकार्ड रूम में मिल गई हैं। अन्य फाइलों की तलाश कराई जा रही है।