खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान वायु प्रदूषण को सुधारने के संबंध में केंद्र सरकार व विभिन्न विभागों द्वारा कोई योजना पेश न करने पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि दिल्ली के अलावा एनसीआर की योजना तैयार कर उसका पालन करवाएं।
अदालत ने केंद्र व दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यावरण बनाने की दिशा में वे ठोस कदम नहीं उठा रहीं। खंडपीठ ने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो हम अवमानना की कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाएंगे।
अदालत ने कहा कि हमने 21 दिसंबर को आदेश दिया था और उसके तहत केंद्र ने पड़ोसी राज्यों व संबंधित एजेंसियों की बैठक तक नहीं बुलाई गई।