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यौन शोषण के आरोप के बाद केजरीवाल को नोटिस

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डीडीसीए ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कीर्ति आजाद के खिलाफ मानहानि का जो मुकदमा दर्ज किया था उस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आज दोनों नेताओं को नोटिस जारी कर दिया।
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बता दें कि केजरीवाल ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि डीडीसीए के अधिकारी ने पत्रकार के बेटे का टीम में सलेक्शन कराने के लिए उसकी पत्नी को रात में घर आने के लिए कहा था।

हालांकि, अपने इंटरव्यू में उन्होंने डीडीसीए के अधिकारी के नाम का खुलासा नहीं किया था। वहीं दूसरी ओर डीडीसीए ने केजरीवाल के आरोप और दावे को बेबुनियाद बताते हुए उन पर मानहानि का केस किया था।
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वहीं, कीर्ति आजाद पिछले 10 साल से डीडीसीए में होने वाले घोटालों को लेकर आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना है कि डीडीसीए में स्टेडियम के निर्माण से लेकर अन्य कई तरह की अनियमितताएं हुई हैं। इस बारे में वह वीडियो भी जारी कर चुके हैं।
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जेटली पर लगाए थे आरोप

बता दें कि कीर्ति आजाद ने जिन दस सालों में डीडीसीए में घपलेबाजी का आरोप लगाया था उस दौरान वर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली इसके अध्यक्ष थे।

इस तरह उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर अरुण जेटली पर भी सवाल उठाए। हालांकि उनकी इस कार्यवाही के बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्‍ता दिखा दिया।

वहीं, केजरीवाल ने डीडीसीए में हुए कथित घोटलों की जांच के लिए गोपाल सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया है। इस कमीशन की वैधता को खारिज करते हुए गृह मंत्रालय ने नोटिस जार कर बताया कि दिल्ली की सरकार को इस तरह के कमीशन बनाने का कोई अधिकार नहीं है।

एलजी के माध्यम से भेजे गए नोटिफिकेशन में केंद्र ने सुब्रह्मण्यम आयोग को असंवैधानिक और गैरकानूनी बता कर खारिज कर दिया था।

हालांकि केजरीवाल ने इसे चुनौती देते हुए कहा था कि किसी आयोग को असंवैधानिक घोषित करने का आरोप केवल अदालत को है और केंद्र सरकार अरुण जेटली को बचाने के लिए ये सब कर रही है। 
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