खोड़ा थाना पुलिस द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मालखाने का ताला खोलकर परीक्षण के लिए जांच की गई तो पता चला कि मृतका मिथिलेश पत्नी गोपाल सिंह, मृतक शाश्वत भट्ट पुत्र ग्रीशचंद व संजेश सिंह उर्फ राजवीर कुमार पुत्र साहब सिंह का नमूना मुहर खुर्द-बुर्द कर कुतर दिया है।
पोस्टमार्टम में मौत स्पष्ट नहीं होने पर भेजा जाता है बिसरा
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि पोस्टमॉर्टम के दौरान मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने या फिर जहर खाने से मौत के मामलों में बिसरा प्रिजर्व किया जाता है। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर बिसरा सैंपल को प्रिजर्व करके पुलिस को सौंप देते हैं। जिसके बाद पुलिस की ओर से बिसरा सैंपल को जांच के लिए भेजा जाता है।