शादी के बाद पीड़ित महिला के बयान के मद्देनजर विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने रेप व धोखाधड़ी मामले में आरोपी को बरी कर दिया।
अदालत ने कहा कि आरोपी और पीड़िता पिछले माह एक-दूसरे से शादी कर चुके हैं और शिकायतकर्ता महिला उसके साथ खुश है। इस हालात में आरोपी को सजा देकर जेल भेजना पीड़िता के हित में नहीं होगा।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निवेदिता अनिल शर्मा ने पहाड़गंज निवासी आरोपी को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व धोखाधड़ी का दोष साबित करने में नाकाम रहा है। इन हालात में उसे दुष्कर्म का दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने चार साल तक शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म किया। पीड़िता की गवाही से साफ है कि उसने अपनी सहमति से आरोपी के साथ संबंध बनाए थे। बता दें कि महिला ने मार्च 2013 में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। उसका कहना था कि उसकी 2009 में आरोपी से दोस्ती हुई थी।