इसके साथ ही फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में भी पार्टी की कलह खुलकर सामने आ
गई है। जाट समाज से संबंध रखने वाले मनधीर सिंह मान निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं।
टिकट नहीं मिलने से नाराज मनधीर सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने टिकट वितरण प्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं। मान 11 अगस्त 2013 को प्रदेश अध्यक्ष रामविलास शर्मा के सामने भाजपा में शामिल हुए थे।
इसके साथ ही फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में भी पार्टी की कलह खुलकर सामने आ गई है। जाट समाज से संबंध रखने वाले मान निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। इसकी घोषणा वह बृहस्पतिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर देंगे। बताया जाता है कि वह जाति की दुहाई देकर वह पूर्व सांसद रामचंद्र बैंदा से समर्थन मांग सकते हैं। बैंदा भी टिकट के दावेदार थे।
मान ने बताया कि वे नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चाहते थे। उनकी नीतियों में विश्वास कर पार्टी में आस्था जताई थी, लेकिन प्रदेश में व जिले में जिस तरह से भाजपा ने टिकट बांटी है उससे नहीं लगता कि कुछ नेता मोदी को प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चाहते हैं।
कृष्णपाल गुर्जर को टिकट दिए जाने पर उन्होंने कहा कि जो शख्स तिगांव विधानसभा में विकास कार्य नहीं करवा पाया वह पूरे लोकसभा क्षेत्र यानी नौ विधानसभा क्षेत्रों में क्या करवाएगा। मान का पैंतरा कृष्णपाल गुर्जर के रास्ते में मुश्किल खड़ा कर सकता है।
हालांकि, मान के बारे में कहा जाता है कि वह जमीनी नेता नहीं हैं। वह पैसे के बल पर पहले सामाजिक कार्यों में मुख्य अतिथि बनने लगे और फिर भाजपा में घुसकर टिकट लेने पहुंच गए।