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राव तुला राम अस्पताल के डॉक्टर की हत्या: घटना के कुछ देर बाद मिल गई थी कार, दो बदमाश गिरफ्तार 

Thu, 17 Feb 2022 10:30 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने बताया कि दोनों दूसरी कार लूटने के लिए इलाके में आए थे। दिनेश पर शस्त्र और आबकारी के दो मामले दर्ज है जबकि निखिल पर कोई मामला दर्ज नहीं है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कार लूटने का विरोध करने पर राव तुला राम अस्पताल के डॉक्टर को गोली मारी गई थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वारदात को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को नजफगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उनके कब्जे से एक चोरी की एक बाइक बरामद की है। फाइनेंस और शराब की दुकान के कारोबार में घाटा होने पर आरोपियों ने शराब तस्करी शुरू कर दी और एक बदमाश की वैन जब्त होने के बाद उसने शराब तस्करी में इस्तेमाल के लिए डॉक्टर की कार लूटी।  

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पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झज्जर हरियाणा निवासी दिनेश और निखिल के रूप में हुई है। 7 फरवरी की रात बदमाशों ने रावतुला राम अस्पताल में डॉक्टर हेमंत को गोली मारकर उनकी वर्ना कार लेकर फरार हो गए थे। डॉक्टर के चेहरे पर गोली लगी थी। पुलिस ने छानबीन की तो कुछ देर बाद कार क्षतिग्रस्त हालत में जफरपुर गांव में कृष्णा मंदिर के पास मिली थी। डॉक्टर बयान देने की स्थिति में नहीं थे। जांच में पता चला कि अस्पताल जाने से पहले डॉक्टर दुकान पर चाय पी रहे थे।

पुलिस ने झज्जर स्थित ठिकानों पर दबिश दी
इसी दौरान दो युवकों ने उनसे कार लूटने की कोशिश की। डॉक्टर कार को तेजी से अस्पताल के भीतर लेकर चले गए। बदमाश उनका पीछा करते हुए अंदर घुसे और डॉक्टर को गोली मारकर कार लेकर भाग गए। सिक्योरिटी गार्ड के गेट बंद करने का प्रयास करने पर बदमाश कार से गेट में टक्कर मार दी। जिससे कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। आस पास के सीसीटीवी कैमरों के जरिए पुलिस बदमाशों की पहचान कर ली और उनके झज्जर स्थित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन दोनों बदमाश फरार हो चुके थे। पुलिस उनपर निगरानी बढ़ाई और तकनीकी जांच में जुट गई। 16 फरवरी की शाम बदमाशों के नजफगढ इलाके में आने की जानकारी पर पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया।
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कारोबार में घाटा होने पर दिया वारदात को अंजाम 
जांच में पता चला कि दिनेश अपने गांव में ललित के साथ 35 फीसदी हिस्सेदारी में शराब की दुकान चलाता था। जिसमें उसे काफी नुकसान हुआ। उसके बाद वह इको वैन खरीदकर अवैध शराब की तस्करी करने लगा। पिछले साल सितंबर माह में उसे सागरपुर थाना पुलिस ने शराब तस्करी में गिरफ्तार कर लिया। काफी कोशिश के बाद जब्त वैन नहीं मिलने पर दिनेश अपने साथी निखिल के साथ कार लूट की योजना बनाई। उस कार का वह शराब तस्करी में इस्तेमाल करना चाहता था।

वहीं निखिल बहादुरगढ़ में फाइनेंस का काम करता था। उसकी मां ने उसके कारोबार के लिए रिश्तेदारों से उधार लिए थे, निखिल को कारोबार में घाटा हो गया था। पैसों की जरूरत की वजह से उसने शराब तस्करी शुरू कर दी। दिनेश ने गांव के ही एक व्यक्ति से पिस्टल और कारतूस लिया और वारदात को अंजाम देने के लिए डाबड़ी इलाके से एक बाइक चुराई। 

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