चर्चित आरुषि-हेमराज मर्डर केस में गाजियाबाद सीबीआई विशेष कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा पाए तलवार दंपति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अपनी 2200 पेज की अपील में डिफेंस ने सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल के फैसले को परिकल्पना पर आधारित बताया है।
इसके साथ ही डिफेंस ने डासना जेल में बंद राजेश और नूपुर तलवार की जमानत को भी अर्जी दाखिल की है। मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हो सकती है।
गाजियाबाद में डिफेंस के अधिवक्ता रहे मनोज शिशौदिया ने बताया कि न्यायालय ने कई बिंदुओं पर माना है कि ‘ऐसा हुआ होगा।’ उन्होंने बताया कि संभवत: बृहस्पतिवार को मामला हाईकोर्ट में सुनवाई को आएगा। इसके बाद डिफेंस अपना पक्ष रखेगा।
इन बिंदुओं को अपील में शामिल किया डिफेंस ने:
- सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश हुए गवाह और साक्ष्यों का न्यायालय ने गलत विश्लेषण किया है।
- पूरा जजमेंट न्यायालय की परिकल्पना पर आधारित बताया है।
- जो बात सीबीआई ने भी नहीं कही, उसे भी कोर्ट ने अपनी ओर से शामिल कर लिया।
- कोर्ट ने माना है कि मामले में कुछ ऐसा हुआ कि राजेश तलवार को अपने कमरे में कुछ आवाज सुनाई दी। इसके बाद वह नौकर हेमराज के कमरे में पहुंचा। वहां से उसने गोल्फ स्टिक उठाई और आरुषि-हेमराज को आपत्तिजनक हालत में देखकर उन पर वार कर दिया।
- रिटायर्ड सीओ केके गौतम के उस बयान को कोर्ट ने मान लिया, जिसमें उसने कहा था कि दिनेश तलवार के दोस्त डा. सुशील तलवार ने उन्हें फोन करके आरुषि की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप न आने की सिफारिश करने को कहा था।