किसानों का मुआवजा और आवासीय भूखंड का मसला विधानसभा में गूंजने के बाद शासन ने प्राधिकरणों को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा है। जिले के तीनों प्राधिकरण रिपोर्ट बनाने में जुट गए हैं।
प्रमुख सचिव अनिल कुमार की तरफ से तीनों के अलावा बाकी प्राधिकरणों को भी पत्र लिखा गया है, जिसमें उनके क्षेत्र में कितने किसानों का कितना मुआवजा और आवासीय भूखंड देना बाकी है, यह जानकारी तत्काल बनाकर भेजने को कहा है, ताकि विधानसभा में उठे सवाल का जवाब दिया जा सके।
पत्र में विधानसभा सदस्य सुरेश राणा की तरफ से विधानसभा में उठे सवाल का हवाला दिया गया है। पत्र मिलते ही प्राधिकरण से तैयार कराने में जुट गया है।
भूलेख व नियोजन विभाग के अधिकारी इसी काम में जुटे हैं। नोएडा में किसानों को पांच फीसदी आवासीय भूखंड देने के लिए एक्सप्रेसवे पर करीब छह लाख वर्ग मीटर जमीन का लैंडयूज बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वहां से अनुमति का इंतजार है।
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक नोएडा में करीब दो हजार किसानों का 1500 करोड़ रुपये का मुआवजा बाकी है। इन किसानों को आवासीय भूखंड के रूप में करीब छह लाख वर्ग मीटर जमीन भी दी जानी है।
इसी तरह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को करीब 1200 करोड़ और यमुना प्राधिकरण को 4100 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित होना है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा वितरित कर रहे हैं। उधर, यमुना प्राधिकरण फिलहाल पहले से अधिग्रहीत जमीन पर आवंटियों को कब्जा देने व विभिन्न परियोजनाओं के लिए अधिग्रहीत जमीन के एवज में भी अतिरिक्त मुआवजा दे रहा है।