स्कूली बच्चों को ले जाने वाली निजी वैन, ऑटो व अन्य गाडिय़ों के चालकों ने दो दिन की हड़ताल कर दी है।
स्कूल वैन चालक संघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को सैकड़ों चालक अपने वाहनों के साथ सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क के पास एकत्र हुए।
जिसके बाद केंद्रीय राज्य मंत्री के कार्यालय पर जाकर प्रदर्शन किया और मंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। संघ ने शुक्रवार तक हड़ताल का निर्णय लिया है।
निजी वाहन चालकों की हड़ताल से बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। दूर के क्षेत्रों से आने वाले कुछ बच्चे तो स्कूल ही नहीं पहुंच पाए। वहीं कुछ बच्चों को उनके अभिभावक स्कूल छोडने पहुंचे।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्कूलों में निजी वाहनों को बंद करने के परिवहन विभाग के अल्टीमेटम से बौखलाए वाहन चालकों ने शुक्रवार तक हड़ताल की घोषणा की है। इसके विरोध में बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में चालक अपने वाहनों के साथ सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क के पास एकत्र हुए, जहां से सेक्टर-28 स्थित केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय पर पहुंचे।
यहां चालक मंत्री के कार्यालय के बाहर रोड पर ही बैठ गए और प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों ने मंत्री से मुलाकात की और समस्या के समाधान कराने का आग्रह किया। इस मंत्री ने आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री के सामने इस समस्या हो उठाएंगे।
संघ के जिला प्रधान मनीष गांधी ने फरीदाबाद में आठ से दस हजार के बीच वाहन छोटे व बड़े स्कूलों के करीब एक लाखबच्चों को लेकर जाते हैं। जिसमें दूर-दराज के क्षेत्रों व गांवों से भी बड़ी संख्या में बच्चे इन निजी वाहनों से स्कूल पहुंचते हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इस तरह का मामला उठा था, जिसके बाद परिवहन विभाग निजी वाहन चालकों से 300 रुपये प्रति सीट के हिसाब से टैक्स वसूलता है। करीब 40 प्रतिशत वाहन यह टैक्स देते हैं।
हजारों हो जाएंगे बेरोजगार
वाहनों चालकों का तर्क है कि इस फैसले से हजारों वाहन चालक बेरोजगार हो जाएंगे और उनके सामने परिवार के पालन पोषण की समस्या पैदा हो जाएगी।
वाहन चालकों ने 18 जनवरी को उपायुक्त से मुलाकात की थी जिसके बाद आरटीए के पास भेज दिया गया था। वाहन चालक संघ का कहना है वे सरकार या विभाग द्वारा तय गाईडलाइनों व नियमों का पालन करने को तैयार हैं, लेकिन इस प्रकार वाहन बंद करना उचित नहीं है।
बच्चों को उठानी पड़ी परेशानी
बृहस्पतिवार को निजी स्कूल वाहनों की हड़ताल का खामियाजा स्कूली बच्चों को उठाना पड़ा। दूर-दराज के क्षेत्रों व गांवों से आने वमले अधिकांश बच्चे तो स्कूल पहुंच ही नहीं पाए। हड़ताल का पता लगने पर बड़ी संख्या में अभिभावक बच्चों को स्कूल छोडने पहुंचे।
जिनके अभिभावक छोडने नहीं जा पाए, ऐसे कई बच्चे मिलकर ऑटो से स्कूल पहुंचे। यह हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी जिससे बच्चों की परेशान और बढ़ सकती है।