होली के मौके पर पूर्वांचल की ओर से जाने वाले लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। किसी तरह की भगदड़ न हो इसके लिए क्रॉस मूवमेंट को प्रतिबंधित किया गया है। यात्रियों के आवागमन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए प्लेटफार्म के निकास और प्रवेश द्वारों पर क्रॉस मूवमेंट प्रतिबंधित कर दिया गया है। लंबी-लंबी लाइने लग जा रही है, लेकिन प्लेटफार्म तक पहुंचने का रास्ता जरूर सुरक्षित और आसान हो गया है। स्टेशन परिसर में केवल आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को सीधे अलग गेट से प्रवेश दिया जा रहा है। हालांकि भीड़ की तमाम तैयारियां कम पड़ रही है। घंटों लाइन में लगकर यात्रियों को प्लेटफार्म पर पहुंचने की मजबूरी है।
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पूर्व में निर्धारित अनारक्षित ट्रेनें चलाई जा रहीं
अनारक्षित व बिना टिकट वाले यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रोक कर उनकी ट्रेन आने के समय ही प्लेटफार्म पर जाने दिया जा रहा है। टिकट जारी करने की संख्या को नियंत्रित किया गया है। पहली बार पूर्व-निर्धारित सामान्य अनारक्षित विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं ताकि यात्रियों को इस बात की जानकारी रहे कि उनकी ट्रेन कितने बजे रवाना होगी। होली के दो दिन पूर्व उत्तर रेलवे ने 25 से ज्यादा होली स्पेशल गाड़ियों का परिचालन किया। इस पहल का उद्देश्य त्योहार मनाने के लिए घर जाने वाले यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का सेवा उपलब्ध कराना है।
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हर माध्यम से सूचना दी जा रही
होली के त्योहार पर पहली बार पूर्व-निर्धारित सामान्य अनारक्षित विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। विशेष गाड़ियां पूरे दिन परिचालित की जा रही हैं। खास बात यह है कि यात्रियों को इस ट्रेन की सूचना हर माध्यम से प्रसारित की जा रही है। आनंद विहार टर्मिनल-मुजफ्फरपुर, दिल्ली-पटना, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़, नई दिल्ली-बरौनी के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
अतिरिक्त कर्मचारियों व अधिकारियों की तैनाती
कर्मचारियों की तैनाती में वृद्धि की गई है। यात्रियों की सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त वाणिज्यिक कर्मचारी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान को तैनात किया गया है। भारतीय रेल ने 1,200 होली स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है और उत्तर रेलवे 400 ट्रेनें। हालांकि यात्रियों की भीड़ के सामने रेलवे के तमाम इंतजाम नाकाफी ही दिखाई दे रहे है। यही वजह है कि जिन्हें आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहा है वह ऊंची कीमत पर बस और विमान से जाने को मजबूर है। यात्रियों को दोगुना यात्रा भाड़ा देने की मजबूरी है। कई लोग स्टेशन की भीड़ देखकर ही यात्रा से कतरा रहे है।
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