विजयनगर के राहुल विहार प्रथम में शनिवार सुबह एलपीजी सिलेंडर और सिलिकोन केमिकल से भरे ड्रम तेज धमाके के साथ फट गए। आग लग गई। धमाके से कमरे की छत उड़ गई और दीवार ढह गई।
यह हादसा अवैध गैस रीफिलिंग के दौरान हुआ, जिसमें वहां काम कर रहे गोरेलाल (40) की मौत हो गई। उसके शव के चीथड़े उड़ गए। उसके शरीर के अंग कई सौ मीटर दूर पड़े मिले। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई।
एसएचओ विजयनगर ने बताया कि गोरेलाल एटा का रहने वाला था। करीब छह माह से वह अकबरपुर बहरामपुर निवासी विनय यादव के राहुल विहार स्थित मकान में किराए पर रह रहा था। सुबह करीब नौ बजे मकान में जोरदार धमाका हुआ। लोग घरों से बाहर निकल आए।
पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। दमकलकर्मियों ने आग बुझाई। पुलिस छानबीन में पता चला कि गोरेलाल का क्षत-विक्षत शव पड़ा था। मकान की दीवार और छत गिरी हुई थी। गैस सिलेंडर और ड्रम फटे पड़े थे।
पुलिस गैस रीफिलिंग से इनकार कर रही है। एसएचओ का कहना है कि यहां सिलिकोन केमिकल तैयार किया जा रहा था। गैस रीफिलिंग नहीं। जांच जारी है। मृतक के भाई उपेंद्र ने इत्तेफाकिया हादसे में रिपोर्ट लिखाई है।
बम की तरह विस्फोट
लोगों का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि लगा बम विस्फोट हुआ है। इस दौरान भीड़ जमा हो गई।
गोरखधंधे में कई और
सूत्रों का कहना है कि गैस रीफिलिंग और केमिकल बनाने के पीछे गोरेलाल के अलावा और भी लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
कीटनाशक बन रहा था
एसएचओ ने बताया कि मकान में एलपीजी और सिलिकोन केमिकल मिलाकर एक ऐसा केमिकल तैयार किया जा रहा था, जो कॉकरोच और मच्छर मारने में इस्तेमाल होता है। इससे कम कीमत में मोटा मुनाफा कमाया जाता है।