उत्तर प्रदेश विधानसभा में दूध में मिलावट का सवाल उठने के बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। शासन जिला प्रशासन से पूरी रिपोर्ट तलब करेगा, जिसकी तैयारी में अधिकारी जुट गए हैं।
प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी ने बताया था कि नमूने लखनऊ की लैब में पास हो गए थे, जबकि कोलकाता की सीएफएल लैब में फेल हो गए थे।
विपक्षी विधायकों ने शुक्रवार को विधानसभा में सरकार से सवाल किया था कि कोलकाता की लैब में जब नमूने फेल हो गए तो इससे पहले लखनऊ की लैब में नमूने पास कैसे हुए?
विधायक ने दूध में मिलावट पर चिंता जताते हुए कहा कि यह लोगों की जान से खिलवाड़ है। सरकार ने भी इस बात को माना कि सूबे में लोगों को दूध के नाम पर हानिकारक रसायन पिलाया जा रहा है।