बिजली सप्लाई को लेकर सूबे में हाहाकार मचा है। डीएम, सीडीओ और चीफ इंजीनियर लोगों को सुचारु सप्लाई का भरोसा दे रहे हैं। ट्रांसफार्मर खराब हो जाने पर भी हर हाल में 24 घंटे में ठीक करने का शासन का आदेश है।
केबल और मीटर की खराबी को चार घंटे में दूर करना होता है। लेकिन यह सब कागजों में हो रहा है। आम जनता की तो छोड़िए अफसरों की नाक के नीचे विकास भवन में तीन दिन तक बिजली गायब रही।
बुधवार शाम को विकास भवन की लाइट अचानक गायब हो गई। इससे तीन दिनों से फाल्ट ठीक न होने से विकास भवन की बत्ती गुल रही। इस बीच विभाग में सभी कंप्यूटर ठप हो गए और काम काज चौपट हो गया। समाजवादी पेंशन के आवेदनों की डाटा फीडिंग से लेकर स्कालरशिप आवेदनों की स्कैनिंग और अपलोडिंग का काम चौपट रहा।
लगातार तीन दिन बिजली न होने से दफ्तरों के इनवर्टर भी ठप हो गए। विभागों में मौजूद अधिकारी कर्मचारी फाइलों और पेपर से हवा करते हुए नजर आए। परिसर के कंपाउंड तल पर अंधेरा और सन्नाटा पसरा रहा।
समाज कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के ऑफिसों में बेहद अंधेरा रहा। बिजली न होने की वजह से कई अधिकारी अपनी कुर्सी से नदारद मिले।