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जंगल से निकलकर शहर में क्यों आ रहे हैं अजगर?

Tue, 25 Mar 2014 06:41 PM IST
दीपक पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
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लोगाें की सुख-सुविधाएं कई बार वन्य जीवाें के लिए संकट बन जाती हैं। ऐसा ही संकट नहर के किनारे रहने वाले अजगरों पर आ गया है।
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आगरा व गुड़गांव नहर पर पुल के लिए खुदाई का काम चलने के कारण अजगर अपनी जगह छोड़कर आबादी की तरफ भाग रहे हैं। वन्य प्राणी सुरक्षा विभाग ने इस संदर्भ में एक रिपोर्ट उच्चाधिकारियाें को भेजी है।

आबादी में अजगर के घुसने से न सिर्फ लोगाें को, बल्कि खुद अजगर की जान को भी खतरा है, क्याेंकि डर की वजह से लोग अजगर पर हमला कर देते हैं।

वन्य प्राणी सुरक्षा विभाग के अनुसार, दो माह में करीबन सात बार अजगर आबादी में प्रवेश कर चुके हैं। इसकी वजह से नहर के किनारे बसे लोगाें में खौफ भी है। हालांकि अभी तक अजगर ने किसी को अपना निशाना नहीं बनाया है। विभाग के अनुसार, अजगर अधिकतर मवेशियाें को ही अपना शिकार बनाते हैं।
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यहां-यहां बन रहे हैं पुल
आगरा नहर पर इस समय चार पुलाें का निर्माण किया जा रहा है। पहला पुल ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-87 की आउटर रोड के सामने से फरीदाबाद के सेक्टर 18-29 की डिवाइडिंग रोड पर, दूसरा ग्रेफ के सेक्टर 86-87 की डिवाइडिंग रोड से फरीदाबाद के सेक्टर 17-18 की डिवाइडिंग रोड पर बन रहा है।

तीसरा ग्रेफ के सेक्टर 81-86 की डिवाइडिंग रोड से फरीदाबाद के सेक्टर 14-17 की डिवाइडिंग रोड पर जबकि चौथा पुल ग्रेफ के सेक्टर 74-75 की डिवाइडिंग रोड से फरीदाबाद के सेक्टर 3-8 की डिवाइडिंग रोड पर बन रहा है।

पानी के आसपास बनाते हैं आशियाना
विभाग के अनुसार, अजगर अधिकतर अपना आशियाना पानी के आसपास बनाते हैं। वे यहां पर नहर के किनारे रहते हैं, जिससे उन्हें नहराें में बहकर आने वाले आवारा मवेशियाें को भी अपना भोजन बनाने में आसानी होती है।

विभाग के अधीक्षक डेलचंद सागर ने बताया अभी तक आबादी में जितने भी अजगरों ने प्रवेश किया है, वह नहर का किनारा छोड़कर ही आए हैं।

पिछले दो महीने में यहां मिले अजगर
-ग्रेटर फरीदाबाद बीपीटीपी पुल के पास
-तिगांव पुल के पास सड़क के किनारे
-सेक्टर-तीन में पार्क के पास
-पलवल के किठवाड़ी गांव में
-डीग फतेहपुर गांव में पुल के पास
-पलवल में आसवटा गांव में
-होडल के खिरवी गांव में

पर्यावरण विशेषज्ञ एन शिवकुमार कहते हैं दरअसल अजगर आबादी वाले क्षेत्र में नहीं पहुंचे हैं, बल्कि अजगरों के क्षेत्र में आबादी पहुंच गई है। जब हम उनका घर उजाड़ रहे हैं तो आखिर वे जाएं कहां।
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हम लोग घरों के आसपास खाने पीने का कचरा फेंकते हैं उससे चूहे पैदा होते हैं, उनको खाने के लिए अजगर आबादी की ओर जा रहे हैं। वह तो हमारे लिए अच्छा काम कर रहे हैं। अजगर जहरीला नहीं है, इसलिए आमतौर पर आदमी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता।
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