योगेंद्र यादव ने बेशक स्वराज अभियान को राजनीतिक दल में तब्दील नहीं किया है। लेकिन यादव पंजाब के उपचुनाव में ताल ठोंकने को तैयार हैं। एक महीने बाद के खंडूर साहिब विधानसभा के उपचुनाव में भाई बलदीप सिंह अभियान समर्थित उम्मीदवार होंगे।
खास बात यह है कि पंजाब में जमीन तैयार कर रही आम आदमी पार्टी (आप) ने उपचुनाव से दूरी बना रखी है। जबकि अभियान का मानना है कि इसके जरिये पंजाब की जनता का मूड पता चल सकेगा।
दरअसल, पंजाब के तरनतारन जिले की खंडूर साहिब विधानसभा सीट सिख राजनीति का अखाड़ा मानी जाती है। पिछले दिनों सिख समुदाय के पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब का पन्ना फाड़े जाने को लेकर काफी हंगामा हुआ था। विवाद गहराने पर कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की ने इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में चुनाव आयोग ने आगामी 13 फरवरी का उपचुनाव की तारीख तय की है।
पार्टी गठन से पहले ही स्वराज अभियान ने सक्रियता बढ़ाई
उपचुनाव का एलान होने के बाद जहां राजनीतिक दल के गठन से पहले ही स्वराज अभियान ने सक्रियता बढ़ा दी है वहीं, आप ने इससे दूरी बना रखी है। वजह यह कि उपचुनाव को लेकर आप का तजुर्र्बा खराब रहा है।
पिछले साल सितंबर में तलवंडी साबो (दमदमा साहिब धार्मिक स्थल) विधानसभा सीट के उपचुनाव में आप उम्मीदवार अपनी जमानत भीनहीं बचा सका था। खंडूर साहिब उपचुनाव का परिणाम नकारात्मक आने पर आप की पंजाब विधान सभा चुनाव की पूरी रणनीति गड़बड़ा सकती है। ऐसे में आप उप चुनाव लड़ने से कतरा रही है।
दूसरी तरफ योगेंद्र यादव आप के असंतुष्ट और ईमानदार कार्यकर्ताओं को जोड़ने में जुटे हुए हैं। स्वराज अभियान के बैनर तले पंजाब में सियासी जमीन तैयार हो रही है।
आप से निलंबित धर्मवीर गांधी ने नहीं खोले पत्ते
सूत्रों के मुताबिक खंडूर साहिब विधानसभा सीट से उप चुनाव के लिए स्वराज अभियान समर्थित उम्मीदवार भाई बलदीप सिंह चुनाव मैदान में होंगे। भाई बलदीप सिंह सूफी संगीतकार हैं। उन्होंने आप के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा था।
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि सांसद धर्मवीर गांधी (आप से निलंबित) पंजाब में स्वराज अभियान का नेतृत्व कर सकते हैं। हालांकि, गांधी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन वे लगातार आप की रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं।
धर्मवीर अमूमन आरोप लगाते हैं कि आप पंजाब की अस्मिता को चुनौती दे रही है। यहां की संस्कृति और राजनीतिक आबोहवा को बाहरी लोग नहीं समझ सकते है।