अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से आए छात्रों ने डीयू के छात्रों की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए हिंसा करने वाले लोगों को ललकारा। छात्रों ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र हिंसा में विश्वास नहीं रखते, लेकिन वह आत्मरक्षा भी करना जानते हैं।
मंच पर आए एक छात्र ने कहा कि जब डीयू के छात्रों को उनकी जरूरत होगी, तो वह साथ खड़े होंगे। प्रदर्शन में विविध रंग भी दिखाई दिए। कुछ छात्र अपने गाल पर तिरंगा बनाकर पहुंचे थे, तो कुछ छात्र प्रदर्शन के दौरान मंच से तिरंगा लहराते रहे। सभी की जुबां पर जय हिंद था। इस दौरान संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी गई।
प्रदर्शन में डीयू, जेएनयू, एनएसयूआई के अलावा आइसा, एआईएसएफ, एसएफआई, एमएसएफ, केवाईएस, कलेक्टिव डीएसयू, नजरिया, एआईडीएसएफ और डीवाईएफआई से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कड़ाके की ठंड और तेज बारिश भी छात्रों व कार्यकर्ताओं के हौसले को रोक नहीं पाई और प्रदर्शन जारी रहा।
प्रदर्शन में जेएनयू की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व आइसा नेता सुचेता डे ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हम भारत के लोग हैं, हम भारत के लोग ही अधिनायक हैं। यह आजादी की लड़ाई है जो तब तक चलेगी, जब तक एनआरसी, सीएए वापस नहीं होता।
उन्होंने कहा कि लोगों को धर्म और भाषा के आधार पर नहीं बांटा जा सकता। उन्होंने शाहीन बाग में सीएए और एनआरसी के विरोध में शुरू हुए सत्याग्रह को भी अपना समर्थन दिया। साथ ही कहा कि हम कागज नहीं दिखाएंगे।
‘जोगीरा सारा..रारा’ गीत से केंद्र पर हमला बोला
छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान ‘जोगीरा सारा..रारा’ गीत के माध्यम से केंद्र सरकार की आर्थिक नीति, महंगाई और ट्रेन के बढ़े किराए पर जमकर हमला बोला। इस दौरान इंकलाब जिंदाबाद, लड़ेंगे और जीतेंगे के नारे भी लगते रहे।