मुख्यमंत्री की रैली में घोषणा के बाद भी निजी कंपनियों के श्रमिकों को न्यूनतम वेतन 8100 रुपये न देने के खिलाफ हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) से जुड़ी कंपनियों के श्रमिकों ने बृहस्पतिवार को जुलूस निकाला।
नीलम फ्लाईओवर के पास से निकाले गए जुलूस में नारेबाजी करते हुए सैकड़ों श्रमिक जिला उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचे। वहां पर धरना देकर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के खिलाफ भड़ास निकाली। श्रमिकों ने सिटी मजिस्ट्रेट मनीषा शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
हिंद मजदूर सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एसडी त्यागी ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्योगपतियों के दबाव में 8100 रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने से मुकर गए। इसकी वजह से श्रमिकों में असंतोष है। इसको लागू करके महंगाई के हिसाब से इसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया जाए, ताकि श्रमिक सम्मानजनक जीवन जी सकें। अभी 5300 रुपये न्यूनतम वेतन मिल रहा है।
इस मौके पर प्रदेश महासचिव सुरेंद्र लाल ने कहा कि सरकार परमानेंट कार्यस्थल पर काम करने वाले ठेका श्रमिकों को नियमित करवाने का आदेश जारी करे। कानूनन परमानेंट कार्यों पर परमानेंट वर्कर ही काम कर सकते हैं लेकिन शहर की कंपनियों में ऐसा नहीं हो रहा है।
जिला महासचिव आरडी यादव ने कहा कि इस समय शहर की कई कंपनियों में श्रमिक विवाद चल रहा है। जिनमें शोवा इंडिया एवं बेलिस इंडिया का विवाद प्रमुख है। इसलिए इनका निपटारा किया जाए। प्रबंधक श्रमिकों का ईएसआई, ईपीएफ काटकर उसे जमा नहीं करवा रहे हैं। इसलिए ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगाई जाए।