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एफएनजी को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कराने को दोबारा भेजा जाएगा प्रस्ताव, बचे हुए काम होंगे पूरे

Tue, 21 May 2019 09:16 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेसवे के राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कराने को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। यह प्रस्ताव शासन की ओर से भेजा जाएगा। यह कहना है नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का। 
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जब तक यह राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित नहीं होता तब तक आम लोगों की सुविधा के लिए बची हुई सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
दरअसल, यूपी और हरियाणा के सहयोग से गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद को जोड़ने के लिए 75 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण का सपना देखा गया। 

इससे यूपी और हरियाणा के बीच सड़क की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद जगी थी। हालांकि इस बीच इसमें एलिवेटेड रोड, अंडरपास, पुल आदि के प्रोजेक्ट सम्मिलित होने की वजह से प्राधिकरण ने यह कोशिश की थी कि इसे एनएच घोषित कर दिया जाए।

लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। यही वजह है कि प्राधिकरण ने नोएडा में करीब 19 किलोमीटर लंबी कनेक्टिविटी के लिए फिर से कोशिश शुरू करने की बात कही है।

1250 करोड़ रुपये करने होंगे खर्च

अगर नोएडा के क्षेत्र में प्राधिकरण को एफएनजी के प्रोजेक्ट के लिए एक एलिवेटेड रोड, एक अंडरपास और एक पुल बनाने पड़े तो इसी में करीब 1250 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। 

इसमें एलिवेटेड रोड पर करीब 650 करोड़, अंडरपास पर करीब 200 करोड़ और सेक्टर-168 में यमुना नदी पर प्रस्तावित पुल पर करीब 400 करोड़ खर्च करने होंगे। हालांकि प्राधिकरण अभी इतना पैसा खर्च नहीं करना चाहता। यही वजह है कि वह दोबारा इस प्रस्ताव को मंत्रालय को भेजने की योजना पर काम कर रहा है।

नोएडा में यह होना है काम
-करीब 8 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण
-इसमें करीब 6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड, जो कि सेक्टर-98 से सेक्टर-143 तक है।
-एक्सप्रेसवे के जीरो माइल से 11वें किलोमीटर पर 260 मीटर लंबा अंडरपास
-यमुना नदी पर सेक्टर-168 में पुल

फरीदाबाद में तो अभी सिर्फ कागजों में है एफएनजी

फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद की दूरी कम करने वाला एफएनजी का काम अभी सिर्फ कागजों तक सीमित है। नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए इसके निर्माण की बात की थी। फरीदाबाद महायोजना-2031 में इसे शामिल तो किया गया है,

मगर इसे कौन सा विभाग बनाएगा, यह भी अभी तक तय नहीं है। महायोजना में एफएनजी को बनाने के लिए यमुना किनारे गांव लालपुर के पास कनेक्टीविटी दर्शा रखी है। हालांकि फरीदाबाद में इस योजना का अभी क-ख-ग भी शुरू नहीं हुआ है। जमीन अधिग्रहण का काम भी यहां नहीं हो सका है। 

यह होती है राजमार्ग घोषित करने की प्रक्रिया
राज्यों में बनने वाली सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय में प्रस्ताव भेजा जाता है। अलग-अलग प्रस्तावों पर बैठक के माध्यम से मंत्रालय विचार करता है और राजमार्ग घोषित करने या नहीं करने पर जवाब देता है। अगर राजमार्ग घोषित करने का फैसला ले लिया जाता है तो एनएचएआई उक्त सड़क को अपने अधीन ले लेती है और उसका विकास कार्य कराती है।

एफएनजी के मामले में यह हुआ

केंद्र सरकार को एफएनजी को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का प्रस्ताव राज्य की ओर से भेजा गया। इस पर अभी तक केंद्र की ओर से कोई विचार नहीं किया गया। हालांकि राज्य को भेजे गए पत्र में ऐसा कहीं नहीं लिखा गया है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के लायक नहीं है।

लिहाजा नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि उम्मीद अभी भी बाकी है और इसे भविष्य में कभी भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कराया जा सकता है। प्राथमिकता के आधार पर मंत्रालय किसी सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का निर्णय लेती है।

एफएनजी को राष्ट्रीय राजमार्ग बनने की आस अभी बाकी है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था, जिस पर फिलहाल कोई विचार नहीं किया गया। अब इस प्रस्ताव को दोबारा केंद्र को भेजा जाएगा। इस बीच नोएडा प्राधिकरण की ओर से इस सड़क की कनेक्टिविटी बहाली के लिए प्रयास शुरू किए जाएंगे।
केके अग्रवाल, जीएम, नोएडा प्राधिकरण
 
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एफएनजी को अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित नहीं किया गया है, जब ऐसा हो जाएगा तो एनएचएआई इसका काम संभाल लेगी। इससे पहले एनएचएआई इसमें किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इसका जिम्मा कभी एनएचएआई के पास नहीं रहा।
आरपी सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
 
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