प्रापर्टी टैक्स बकाएदारों पर अब नगर निगम चाबुक चलाने वाला है। बड़े बकाएदारों की संपत्ति सील करने और कुर्क करने की भी कार्रवाई की जा सकती है।
निगमायुक्त ने इस बाबत फैसला कर लिया है। निगम अब बकाएदारों को छूट देने के पक्ष में नहीं है। निगमायुक्त सोनल गोयल ने बताया कि अभी तक की गई गणना के अनुसार 1.89 लाख संपति कर यूनिटों पर 185 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है।
जिसमें 157 करोड़ रुपये की राशि पिछले कई सालों के एरियर के रूप में और 28 करोड़ रुपये की राशि वर्ष 2016-17 की डिमांड के रूप करदाताओं से वसूल की जानी है।
उनका कहना है कि निगम की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण आम जनता को जन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं दूसरी ओर बड़े-बड़े डिफाल्टर निगम के करोड़ों रुपये के संपत्ति कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रापर्टी टैक्स जमा न करने वाले अब तक 25 हजार से अधिक करदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
गोयल ने बताया कि प्रथम चरण में पचास हजार रुपये या इससे अधिक संपति कर डिफाल्टर्स के विरुद्ध हरियाणा नगर अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के तहत संपति नीलाम करने, कुर्क करने व सील करने आदि की कार्रवाई सभी संयुक्त आयुक्तों व कराधान विभाग को दे दिए गए हैं। इसके लिए प्रत्येक जोन में एक इंनफोर्समेंट विंग बनाकर वाहन भी उपलब्ध करवा दिए गए हैं।