उपराज्यपाल और आम आदमी पार्टी के बीच टकराव के कारण एमसीडी की स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया एक बार फिर रुक गई है। इस बार सदन में एक सदस्य के उपचुनाव के कारण समिति के गठन का मामला रुका है, जबकि गत वर्ष एमसीडी में पार्षद मनोनीत करने के मामले के कारण समिति का गठन की प्रक्रिया रुकी थी। दोनों बार मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने से लटका है।
सुप्रीम कोर्ट ने सदन में हुए एक सदस्य के चुनाव का आने पर समिति के गठन पर रोक लगाई है। हालांकि, गत वर्ष ने उन्होंने रोक नहीं लगाई थी। मगर एमसीडी ने समिति का गठन करने की प्रक्रिया आरंभ नहीं की थी।
दो माह पहले मनोनीत पार्षदों के नियुक्त करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय उपराज्यपाल के पक्ष में आने के बाद एमसीडी ने समिति के गठन की प्रक्रिया आरंभ हुई थी। मगर गत 26 सितंबर को एक सदस्य के चुनाव के दौरान पार्षदों को सदन में मोबाइल फोन ले जाने के मामले में मेयर व अधिकारियों में टकराव हो गया था।
मेयर ने चुनाव कराए बिना सदन की बैठक पांच अक्तूबर तक स्थगित कर दी थी, लेकिन उनके आदेश के कुछ देर बाद उपराज्यपाल ने यह चुनाव कराने की प्रक्रिया आरंभ कराने की पहल कर दी थी और उनके निर्देश पर 27 अक्तूबर को चुनाव हो गया है।