उपलब्धता और गुणवत्ता पर स्वास्थ्य मंत्रालय में हुई बैठक, कंपनी को चेतावनी के साथ दिए निर्देश
अमृत फार्मेसी के प्रबंधन को हटाने की सिफारिश पर फिलहाल नहीं की गई कोई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स में इलाज करवाने आ रहें मरीजों को सस्ता इंप्लांट उपलब्ध न होने की परेशानी जल्द दूर हो सकती है। इन इंप्लांट को लेकर उठे सवालों के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय में बैठक हुई। इस बैठक में इंप्लांट की उपलब्धता और गुणवत्ता सहित अन्य पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद अधिकारियों ने निशुल्क जेनरिक फार्मेसी व अमृत फार्मेसी का संचालन कर रही कंपनी को एम्स में मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंप्लांट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चेतावनी के साथ निर्देश दिया है।
आम चुनाव के कारण देश में लगी आदर्श आचार संहिता को देखते हुए फिलहाल एम्स की ओर से अस्पताल की अमृत फार्मेसी के प्रबंधन को हटाने की सिफारिश पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मिली जानकारी के अनुसार सस्ते दाम पर अमृत स्टोर से इंप्लांट की सुविधा शुरू हुई है। इनका संचालन कंपनी कर रही है। इस कंपनी का अगले माह मई में अनुबंध समाप्त हो रहा है। अभी तक अनुबंध का नवीनीकरण नहीं हुआ है। यदि अनुबंध का नवीनीकरण नहीं हुआ तो एम्स में मरीजों को दवा मिलने में परेशानी बढ़ सकती है।
इस बीच संस्थान के कई वरिष्ठ डाक्टरों की ओर से अलग-अलग बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न इंप्लांट उपलब्ध न होने को लेकर शिकायत की गई थी। इंप्लांट की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद एम्स प्रशासन ने मंत्रालय से एम्स में अमृत फार्मेसी की पूरी टीम को हटाने की सिफारिश की थी।