गौतमबुद्ध नगर जिला कारागार में साक्षर कैदियों ने अपने साथियों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। जेल में रोजाना कैदियों की क्लास लगनी शुरू हो गई है।
कैदियों के पढ़ने-लिखने के उत्साह को देखते हुए जेल प्रशासन ने कैदियों को पढ़ाने के लिए एक अध्यापक तैनात करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है।
जेल प्रशासन का मानना है कि इससे कैदियों को पढ़ाने के काम में और तेजी आएगी। इन पढ़ाकू कैदियों की उम्र 18 से 40 साल तक है और अभी उन्हें हिंदी और अंग्रेजी की प्रारंभिक जानकारी दी जा रही है।
जेल प्रशासन ने साल भर के भीतर सभी कैदियों को पूरी तरह से साक्षर बनाने का दावा किया है। बताया जाता है कि पढ़ाई करने वाले सभी विचाराधीन कैदी हैं। लगभग 40 कैदियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी जेल के 10 साक्षर कैदी निभा रहे हैं।
जेल अधीक्षक बीआर शर्मा ने कहा कि जेल के सभी निरक्षर कैदियों को साक्षर बनाने का काम शुरू किया गया है। सभी ऐसे कैदी हैं, जिन्होंने जेल में पढ़ने की इच्छा जाहिर की थी। यहां साक्षर कैदी इनके अध्यापक की भूमिका में हैं।
जेल के भीतर बच्चों को दी जा रही शिक्षा
जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे बच्चों को शिक्षा दिलाने का काम भी शुरू किया गया है। इन बच्चों को पढ़ाने जिम्मेदारी दो महिला कैदियों को दी गई है। सभी बच्चों को प्रारंभिक जानकारी दी जा रही है।