जेल नियम के मुताबिक जेल प्रशासन कैदियों को काम देता है। बताया जा रहा है कि अच्छा आचरण होने की वजह से ब्रह्म नंद को रिकॉर्ड रूम में सहायक का काम दिया गया था। वह ड्योढ़ी के ऊपर पहली मंजिल पर स्थित कार्यालय में काम करता था। जेल अधिकारियों के अनुसार, 21 जून की सुबह वह अन्य दिनों की तरह काम पर आया था। दोपहर पौने तीन बजे एक सेवादार रिकॉर्ड रूम के पास पहुंचा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
सेवादार ने अन्य लोगों को वहां बुलाया और दरवाजा को धक्का देकर खोला। उन लोगों ने ब्रह्म नंद को पंखे से फंदा की मदद से लटका हुआ पाया। जेल के अस्पताल में तैनात डॉक्टर मौके पर पहुंचे और उसे फंदा से नीचे उतारा। जांच करने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। बाद में घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिवार वालों को घटना की जानकारी दे दी है।