दिल्ली में केंद्र और उपराज्यपाल के साथ चल रही ‘आप’ सरकार की लड़ाई अब प्रधानमंत्री के दरवाजे तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री केजरीवाल केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग, एसीबी प्रकरण और उपराज्यपाल के बार-बार हस्तक्षेप समेत कुछ अन्य मसलों पर प्रधानमंत्री से मिलना चाहते थे लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया।
जब 18 जून को मांगे गए समय का जिक्र करते हुए रिमाइंडर दिया गया तो पीएमओ ने साफ किया कि बहुत जरूरी है तो गृहमंत्री या वित्तमंत्री से मिल लें। केजरीवाल और उनकी सरकार के साथ उपराज्यपाल का लंबे समय से खटपट चल रही है। प्रधान गृह सचिव नियुक्ति, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में ज्वाइंट कमिश्नर की नियुक्ति, मजिस्ट्रेट जांच समेत तमाम मसलों पर विवाद चल रहा है।
केजरीवाल और मनीष सिसौदिया कई बार यह बात कह चुके हैं कि गृहमंत्री या वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद हालात नहीं सुधर रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय नहीं मिलने को ‘आप’ नेता जनता का अपमान बता रहे हैं।