राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण के प्रबल जिम्मेदार प्रेशर हॉर्न और बिना साइलेंसर के शोर करने वाले वाहनों पर पाबंदी लगाते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को पांच हजार रुपया पर्यावरणीय जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है।
इससे पहले प्राधिकरणों के जरिये दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता था। पीठ ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही इस पर्यावरणीय जुर्माने के संग्रहण और इस्तेमाल के लिए एक अलग से बैंक खाता बनाया जाए।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया है। वहीं पीठ ने राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों की सफाई और पार्किंग पर लापरवाही को लेकर निगमों को फटकार भी लगाई है।
पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि आप लोग सड़कों को साफ करने के लिए मशीनों का इस्तेमाल क्यों नहीं करते हैं। सड़कों से कूड़ा-कचरा ढोने के लिए ट्रक और ट्रैक्टर के लिए अनुमति की मांग करने वाले निगमों से एनजीटी ने कहा कि आप लुटियन जोन को भी साफ रख पाने में विफल हैं।
कोई एक जगह बताएं जहां धूल और गंदगी न हो। पीठ ने कहा कि सिवाय बहानेबाजी के आप (नगर निगम) लोगों को जागरूक क्यों नहीं करते। आखिर क्यों ट्रैक्टर की जगह सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल नहीं हो रहा।