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जीडीए के दबाव में नियम-कायदे हुए कुर्बान

Sun, 02 Mar 2014 01:28 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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कलाधाम पार्क में जीडीए की बिजली चोरी पकड़ने में अफसर खुद ही उलझ गए हैं। बिजली चोरी के आरोपी जीडीए के अफसरों को बचाने के लिए नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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कहने को विजिलेंस और कारपोरेशन अफसर आमने-सामने हैं, लेकिन काम ऐसा कर रहे हैं, कि फायदा बिजली चोरी करने वाले वाले उन अफसरों को हो रहा है, जिनपर अब तक कार्रवाई हो जानी चाहिए थी।

जीडीए को खुश करने और चापलूसी की कार्रवाई में विभाग को लाखों के राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि अब कारपोरेशन के लापरवाह अफसरों पर ही कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
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1. नियम - खुलेआम हो रही बिजली चोरी में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
हाल - बिजली चोरी को ओवरलोडिंग दिखाने का प्रयास किया गया। खुलेआम हो रही बिजली चोरी, जांच में चोरी ही साबित हुई। थक-हारकर तीन दिन बाद सच्चाई स्वीकारनी पड़ी।
2. नियम - डाला गया कटिया केबल तत्काल उतारकर जब्त किया जाना चाहिए।
हाल - चोरी पकड़े जाने के बावजूद केबल डला रहने दिया गया। पकड़े जाने के बावजूद सप्लाई लगातार चलती रही।
3. नियम - बिजली चोरी पकड़े जाने पर अस्थाई कनेक्शन नहीं दिया जा सकता।
हाल - सुबह को बिजली चोरी पकड़े जाने के बावजूद शाम को अस्थाई कनेक्शन की रसीद काट दी गई। अगले दिन मीटर लगाकर विधिवत सप्लाई शुरू कर दी गई।
4. नियम - जितना विद्युत लोड हो, उतने भार का कनेक्शन ही दिया जाना चाहिए।
हाल - खुलेआम 29 किलोवाट लोड होने और आन रिकार्ड इसकी पुष्टि होने के बावजूद शाम को 15 किलोवाट का कनेक्शन जारी कर दिया गया।
5. नियम - चोरी पकड़े जाने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाए।
हाल - चोरी पकड़े जाने और सिद्ध होने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। कारपोरेशन और विजिलेंस एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।
6. नियम - बड़ी चोरी पकड़े जाने पर एक्सईएन को मौके पर पहुंचना चाहिए।
हाल - बड़ी चोरी पकड़े जाने और सूचना के बावजूद कारपोरेशन अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। जीडीए वीसी के डर से किसी ने उस ओर से निकलने की हिम्मत तक नहीं जुटाई।
7. नियम - बिजली चोरी पकड़े जाने पर 24 घंटे में आरोपी को नोटिस जारी किया जाना चाहिए।
हाल - पांच दिन बाद भी जीडीए को नोटिस नहीं भेजा गया। अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
8. नियम - बिजली चोरी पकड़े जाने पर असेंसमेंट शमन के अलावा एक साल का जुर्माना लगाया जाए।
हाल - विजिलेंस के अनुसार जहां छह लाख 55 हजार रुपये शमन शुल्क बैठता है, वहीं पर कारपोरेशन अधिकतम 50 हजार का निर्धारण कर रहा है।
9. नियम - सरकारी अधिकारी के द्वारा बिजली चोरी करना सिद्ध होने पर शासन और उसके विभागीय उच्चाधिकारियों को सूचना दी जाए।
हाल - जीडीए और इसके एक्सईएन पर बिजली चोरी सिद्ध होने के बावजूद कहीं पर पत्र तक नहीं भेजा गया है।
10. नियम - जिस अधिकारी के क्षेत्र में खुलेआम बिजली चोरी मिले, उसकी भी जिम्मेदारी तय की जाए।
हाल - जिन अधिकारियों के क्षेत्र में चोरी मिली, वे ही जांच अधिकारी बनें हैं। किसी आरोपी से अभी तक जानकारी तक नहीं की गई।

यह हो सकती है कार्रवाई
बिजली चोरी कराने, नियमों से खिलवाड़ करने, आरोपियों को बचाने या विभाग को राजस्व नुकसान पहुंचाने वाले अफसरों को तत्काल सस्पेंड कर जांच शुरू कराने का प्रावधान है।

इनकी सीनियरिटी वापस ली जा सकती है या प्रमोशन पांच साल तक रोका जा सकता है। कार्रवाई का निर्धारण अपराध की गंभीरता के आधार पर किया जाता है। - इं. डीसी अग्रवाल, पावर सर्विस एक्ट विशेषज्ञ व विद्युत न्यायालय अफसर।
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