इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) और चीन के इंटरनेशनल रिलेशन डिपार्टमेंट ने आपस में व्यापार बढ़ाने की पहल की है।
एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज के आडिटोरियम में आयोजित सेमिनार में दोनों देशों के उद्यमियों ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसे समय की जरूरत बताया।
चीन के डेलीगेट्स ने आईआईए को आईटी सेक्टर, ऑटो मोबाइल, रोबोटिक्स, मशीनरी पार्ट्स आदि एक्सपोर्ट करने का प्रस्ताव दिया।
इंडो-चाइना व्यापार समझौते के तहत एमएसएमई पार्टनरशिप आईटी ट्रेड एंड ट्रेड प्रमोशन विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया।
सेमिनार में चीन के इंटरनेशनल रिलेशन डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर जी जू के साथ कई अन्य डेलीगेट्स ने बढ़ते ग्लोबलाइजेशन के दौर में भारत और चीन की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
आईआईए के प्रदेश महासचिव नीरज सिंघल ने बताया कि विश्व अर्थव्यवस्था में भारत और चीन महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
एमएसएमई दोनाें देशों की तरक्की की रीढ़ है। सरकार को भी चाहिए कि इंडस्ट्री सेक्टर जितना बढ़ेगा रोजगार और इकोनॉमी ग्रोथ रेट उतना ही बढ़ेगी।
आईआईए इस ओर प्रयासरत है कि कई विकासशील देशों के एमएसएमई को यहां से जोड़ा जाए और आपस में ज्यादा से ज्यादा व्यापार बढ़ाया जाए।
इस अवसर पर राकेश अनेजा, जेपी कौशिक, चकित स्वरूप, विवेक कुमार, अमित नागलिया आदि उपस्थित थे।