एसोसिएशन का कहना है कि 13 सालों में महंगाई दर में 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पीयूसी की फीस में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में संचालकों के लिए पीयूसी केंद्रों का संचालन घाटे का सौदा साबित होता जा रहा है।
वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए नया शुल्क तय किया जाएगा और कोशिश रहेगी कि लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ न पड़े। वर्तमान में दिल्ली में कुल 953 पीयूसी जांच केंद्र हैं, जहां पेट्रोल-डीजल-सीएनजी की गाड़ियों की प्रदूषण जांच होती है। यहां पर दोपहिया की प्रदूषण जांच का शुल्क 60 रुपये, पेट्रोल-सीएनजी कारों के लिए 80 रुपये व डीजल वाहनों के लिए 100 रुपये हैं। इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से लगता है।