पुरानी रिपोर्ट में एचआईवी की पुष्टि के आधार पर बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की डॉक्टर ने गर्भवती के पर्चे पर एचआईवी पॉजिटिव लिख दिया। गर्भवती महिलाओं के लिए कई जांचें जरूरी होती हैं, जिसे डॉक्टर ने पर्चे पर न तो लिखा और न ही किसी तरह की जांच कराने के लिए कहा।
महिला की शिकायत के बाद सीएमएस ने उसके पर्चे पर जरूरी जांचों का परामर्श लिखवाया। महिला ने बताया कि काफी समय पहले एक अस्पताल ने एचआईवी पॉजिटिव बताते हुए उसे रिपोर्ट दी थी। इन दिनों वह छिजारसी में अपने परिवार के पास आई है, तो जिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंची।
महिला का आरोप है कि गर्भ संबंधी जांच के लिए वह कमरा संख्या 150 की डॉक्टर के पास पहुंची, जिन्होंने पुरानी रिपोर्ट देखकर पर्चे पर एचआईवी पॉजिटिव लिखते हुए उसे लौटा दिया। न कोई जांच लिखी और न ही इलाज संबंधी परामर्श दिया।
करीब एक घंटे तक वह अस्पताल में भटकती रही। एक परिचित के मिलने पर सीएमएस के पास पहुंची। सीएमएस डॉ. नागेंद्र मोहन माथुर ने बताया कि मरीज उनके पास आई थी। उसके पर्चे पर जरूरी जांचें लिखवा दी गई हैं।
उसका दोबारा एचआईवी टेस्ट होगा। डॉक्टरों का कहना है कि बिना परामर्श दिए पर्चे पर एचआईवी पॉजिटिव लिखकर अस्पताल में भटकाना एचआईवी रोगियों की गोपनीयता को भंग करना है। बता दें कि अस्पताल में कुछ डॉक्टरों द्वारा एचआईवी रोगियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले सामने आ चुके हैं।