फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्री-मानसून बारिश से ही बिगड़ जाती है शहर की सूरत, अभी से सहमे लोग

Mon, 27 Jun 2016 02:56 AM IST
जितेंद्र राठी/अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
rain - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
किसी भी समय साइबर सिटी में मानसून दस्तक दे सकता है। यहां हर साल जलभराव की स्थिति लोगों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब रही है। इस बार भी लोग इस मामले में जिला प्रशासन के लचर रवैए से काफी सहमें हुए हैं।
विज्ञापन


उनका कहना है कि जब मानसून सिर पर आ गया है तब उसकी ओर से सीवरों और नालों की सफाई की जा रही है।पांच दिन पूर्व हुई प्री मानसून बारिश ने उसकी सभी तैयारियों की पोल खोल दी है। जलभराव के मामले में पिछले साल जैसी ही स्थिति इस बार भी रहने वाली है।  

मुख्यमंत्री ने जनवरी में ही नगर निगम कार्यालय में हुई बैठक के दौरान मानसून से पूर्व जलभराव से निपटने के पुख्ता इंतजाम का निर्देश दिया था।

अतिरिक्त मुख्य सचिव की डांट के बाद प्रशासन कुछ हरकत में आया है, जिसके बाद नाले-नालियों की सफाई का काम शुरू किया गया है। लेकिन इसे पहले ही शुरू किया जाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलभराव नहीं होने का दावा हर बार होता है फेल

गुड़गांव - फोटो : अमर उजाला
पुराना गुडग़ांव हो या न्यू गुडग़ांव। दोनों ही जगह कई ऐसे स्थान हैं, जहां जलभराव होना लाजिमी है। इसके पीछे कारण यह है कि बरसात के दौरान जलभराव से निपटने के लिए सबमय रहते कदम नहीं उठाए गए।

कई ड्रेन आगे जाकर जाम है, जिनकी सफाई तक नहीं हुई। एसपीआर की साइड ड्रेन बनाई जा रही है, लेकिन अभी उसका काम पूरा नहीं हुआ है। जिससे शहर के बरसाती पानी को बाहर ले जाने के पुख्ता इंतजाम प्रशासन के पास नहीं है। प्रशासन यदि समय से इस ओर ध्यान देता तो तेजी के साथ काम पूरा कर इस व्यवस्था को अंजाम तक पहुंचा सकता था। लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण समय पर काम को तेजी के साथ नहीं निपटाया गया।

हाल ही में हुई बारिश के बाद शहर में जगह-जगह हुए जलभराव ने प्रशासन के प्रयासों की पोल सबके सामने खोल कर रख दी। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया।

लोग घंटों जाम में फंसे रहे। चौथे चरण की बैठक के बाद प्रशासन कुछ मामूली हरकत में आया। लेकिन प्रशासन की ढीली चाल को देखकर अतिरिक्त मुख्य सचिव केसनी आनंद अरोड़ा ने प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिसके बाद अब दिन-रात प्रशासन लगा हुआ है। लेकिन इसे यदि पहले कर लिया जाता तो हालात और ज्यादा बेहतर होते। अब खुदाई से हादसा होने का डर भी ज्याद बढ़ गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें