वरिष्ठ अधिवक्ता व आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने सीबीआई निदेशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को लिखित शिकायत की है।
प्रशांत भूषण का आरोप है कि सीबीआई निदेशक ने पद पर रहते हुए टूजी व कोयला घोटाले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की है। इस दौरान आरोपियों की मदद करने के साथ तथ्यों के साथ भी छेड़छाड़ की है। उन्होंने मांग की है कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 217 व 218 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाए।
प्रशांत भूषण ने मंगलवार शाम को सिविल लाइन स्थित एसीबी कार्यालय में यह शिकायत की है। इसमें सुप्रीम कोर्ट में रंजीत सिन्हा के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका का ब्योरा भी दिया है।
इन तथ्यों के आधार पर भूषण ने सीबीआई निदेशक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। दिल्ली सरकार की एसीबी में शिकायत दर्ज कराने के पीछे प्रशांत भूषण ने तर्क दिया है कि सिन्हा ने यह सारी आपराधिक गतिविधियां दिल्ली में की है।
केंद्र सरकार की अधिसूचना आपराधिक प्रक्रिया संहिता का उल्लंघन
प्रशांत भूषण ने अपनी शिकायत में केंद्र सरकार की ओर से 23 जुलाई 2014 को जारी आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की अधिसूचना का भी जिक्र किया है। अधिसूचना में कहा गया है कि एसीबी किसी भी केंद्र सरकार के कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती है।
जबकि सीआरपीसी में स्पष्ट है कि पुलिस के न्यायिक क्षेत्र में होने वाले अपराध के अनुसार तय होता है न कि आरोपी के आधार पर। प्रशांत भूषण ने कहा है कि अगर एसीबी कार्रवाई नहीं करती है तो इसे संबंधित थाने में भेज दिया जाए।