सरकार द्वारा आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे 7471 बिजली कर्मियों को निकालने पर राज्य एटक समेत अन्य कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताया है और प्रदेशव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
एटक के राज्य महासचिव बेचू गिरी ने कहा कि खट्टर सरकार ने बिजली कर्मियों को निकाल कर इनके अधिकारों को छीनने अभियान चलाया है, यह घोर निंदनीय है। आजादी के बाद यह पहली सरकार है जिसने इतने बड़े पैमाने पर मजदूर व कर्मचारी विरोधी अभियान चला रखा है।
एटक ने सरकार से तत्काल बर्खाश्त किए गए कर्मचारियों को वापस रखने की मांग की है। गिरी ने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा मजदूरों व कर्मचारियों के लिए लंबे लंबे चुनावी वायदे किए थे।
लेकिन सत्ता में आने के बाद लोगों की सुविधाओं को छीनना शुरू कर दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार तत्काल कर्मचारियों को वापस नहीं बुलाती है तो सभी संगठनों के लोग एकजुट होकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।