असंतुलित जीवनशैली की वजह से सत्तर फीसदी लोगों में कैल्शियम एवं विटामिन की कमी पाई जा रही है। खाने पीने की वस्तुओं में मिलावट और प्योरिटी ना रह जाने के कारण खाने पीने में प्रोटिमिन और विटामिन नहीं मिल पा रहे हैं।
इसकी वजह से लोग बिना चिकित्सकों की सलाह लिए मल्टी विटामिंस की टैबलेट का सेवन कर रहे हैं। पिछले तीन सालों में मल्टी विटामिन की दवाओं की बिक्री में तीन गुना इजाफा हुआ है।
फिजिशियन डा. दीपक वर्मा ने बताया कि मल्टीविटामिंस का अतिरिक्त डोज लेने से लीवर, कैंसर और हृदय रोग का खतरा रहता है। इनकी संतुलित मात्रा लेने से कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने से परेशानी बढ़ती है।
ओवरडोज से परेशानियां
विटामिन ए और डी के सेवन से सिरदर्द, शरीर में दर्द, शरीर में स्टोन का अधिक बनना और हाइपर कैल्शियम की समस्या होती है।
प्रोटीन और सेरेटीन के अधिक सेवन से यूरिक एसिड अधिक बनने की शिकायत, नर्वस ब्रेकडाउन, किडनी समस्या, गेस्ट्रो समस्या और हड्डियों में दर्द की समस्या बढ़ती है।