दिल्ली की सीएम आतिशी का कहना है, "दिल्ली में प्रदूषण रोधी उपायों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। हमने 99 टीमें बनाई हैं, जो पूरी दिल्ली में धूल नियंत्रण उपाय कर रही हैं। हमने 325 से अधिक स्मॉग गन तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए उनके सभी संसाधन पीडब्ल्यूडी और एमसीडी ने तैनात कर दिए हैं। आनंद विहार, दिल्ली और यूपी की सीमा पर होने के कारण, एक ऐसा हॉटस्पॉट है, जहां एक्यूआई सबसे अधिक है।'
बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली में बीते 13 दिनों में 2,762 जगहों पर धूल रोधी अभियान चलाया गया। इसमें प्रदूषण फैलाने वाली जगहों पर करीब 17.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ में 76 जगहों पर काम कर रहीं एजेंसियों को नोटिस भी दिया गया। अभियान में 13 संबंधित विभागों के अधिकारियों की 523 टीमें लगी हुई हैं। दिल्ली सरकार की सख्त हिदायत है कि निर्माण स्थलों पर धूल रोकने से जुड़े 14 नियमों को पूरी तरह लागू करना जरूरी है। ऐसा न करने वाली निर्माण एजेंसियों पर कार्रवाई होगी।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में ग्रीन वॉर रूम से प्रदूषण पर निगरानी हो रही है। कई दूसरी तरह के काम भी हो रहे हैं। इसमें धूल रोधी अभियान, बायो डीकम्पोजर का छिड़काव, पौधरोपण अभियान, मोबाइल एंटी स्मॉग गन समेत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ अलग-अलग विभागों की 523 टीमें ऐसी हर जगह की जांच कर रही हैं, जहां से धूल उड़ सकती है। निर्माण स्थलों के लिए 14 सूत्रीय नियम लागू है। सात नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में जहां भी कोई धूल रोकने के नियम का पालन नहीं करेगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की होगी। इसके बाद भी अगर निर्माण एजेंसी नहीं मानी तो निर्माण स्थल ही बंद कर दिया जाएगा।