कर वसूली में फिसड्डी नगर निगम की पोल शहर के उद्यमियों ने खोल दी है। लाइसेंस नवीनीकरण के लिए लगाए गए शिविर के दौरान एक दिन में ही निगम को 7.56 लाख रुपये की आमदनी हुई है।
निगम अधिकारी अक्सर उद्योगों की लाइसेंस फीस के बकाये का रोना रोकर पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन लघु उद्योग भारती की पहल पर आयोजित शिविर के दौरान मंगलवार को 118 उद्यमियों ने अपना लाइसेंस नवीनीकरण कराने में रुचि दिखाई।
एनएच-दो में लगाए गए शिविर में सुबह से ही उद्यमियों का आना जाना लगा रहा। किसी ने मौके पर ही फॉर्म भरकर फीस जमा करा दी, तो कोई जानकारी हासिल करने पहुंचा।
इस शिविर की औपचारिक शुरुआत करते हुए सीमा त्रिखा ने कहा कि उद्योगों को प्राथमिकता देते हुए हर समस्या का समाधान किया जा रहा है। इस तरह के शिविर से निगम की आय का जरिया भी बनेगा और उद्यमियों को भी राहत मिलेगी।
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष अरुण बजाज और महासचिव रवि भूषण खत्री ने कहा कि शहर के उद्यमियों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है। समय-समय पर शिविर लगाए जाएंगे, ताकि लाइसेंस फीस जमा कराने के लिए उद्यमियों को निगम दफ्तरों के धक्के न खाने पड़ें।
बता दें कि नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 330 के तहत पूर्व में जारी किए गए ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाता है। यह अनिवार्य होता है। इस अवसर पर आरके चावला, गौतम चौधरी, सुरेंद्र जांगड़ा, मनोज नस्वा और बलदेव राज आदि उपस्थित थे।