फिरोजपुर झिरका के गांव शेखपुर में बीते दिन दलित परिवार की नाबालिग लड़की से हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य और पांच राज्यों के प्रभारी ईश्वर सिंह ने शुक्रवार को गांव शेखपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जानकारी ली।
ईश्वर सिंह ने दलित परिवार को सरकार द्वारा आर्थिक मदद के रूप में दिए 90 हजार रुपये का चैक सौंपा। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि दोषी को बख्सा नहीं जाएगा।
इसके अलावा मामले से जुडे़ सभी आरोपियों को एससी-एसटी आयोग के एटो सीटी एक्ट के तहत कड़ी सजा का प्रावधान रखा जाएगा। उन्होंने पुलिस कप्तान बी सतीश बालन को आदेश देते हुए कहा कि जब तक आरोपी पकडे़ नहीं जाते तब तक गांव में दलित परिवार की सुरक्षा हेतु पुलिस बल की तैनाती की जाए।
बंदूक के दम पर किया था गैंगरेप
14 मई की घटना के बाद 20 मई को पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने तथा मामले में ढील बरतने को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
पुलिस कप्तान ने आयोग के सदस्य को आश्वासन देते हुए कहा कि सभी आरोपियों को एक सप्ताह के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं मेवात के उपायुक्त अशोक सांगवान ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन द्वारा आर्थिक एंव सुरक्षा की दृष्टि से पूरी मदद की जाएगी।
ज्ञात रहे कि 14 मई को गांव शेखपुर में दलित परिवार की नाबालिग लडकी का चार युवकों ने बंदूक के बल पर अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया था।
साहब पैसे नही इंसाफ चाहिए
पीड़ित लड़की की मां को जब एससी-एसटी आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह 90 हजार रुपये का चैक सौंप रहे थे तो पीड़िता की मां ने वह चैक लेने से मना कर दिया।
उनके सामने रोते हुए कहा कि साहब पैसे नही हमें इंसाफ चाहिए। दरिंदों को जेल होनी चाहिए। इस बीच ईश्वर सिंह ने महिला के आंसू पौंछे और उन्हें ढांढस बंधाया।
वहीं अलवर की रहने वाली एक और रेप की पीड़िता ने भी आयोग के सदस्य के सामने अपने साथ हुई घटना सुनाते हुए न्याय की गुहार लगाई।